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राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग नई दिल्ली में फाइल नंबर M 37/रेलवे 77/2014/SSW 1बिना सुनवाई बन्द कर देना न्याय संगत नहीं

विषय
स्व० अर्जुन (बॉयलर मेकर) के साथ सेवा काल में प्रशासनिक उत्पीड़न, अमानवीय परिस्थितियाँ तथा आश्रित नियुक्ति से वंचित करने संबंधी प्रार्थना

महोदय,

प्रार्थी निवेदन करता है कि मेरे पिता स्व० अर्जुन रेलवे ग्वालियर लोको उत्तर मध्य रेलवे झांसी में बॉयलर मेकर पद पर कार्यरत थे। उनकी सेवा अवधि में विभाग द्वारा निरंतर ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न की गईं, जिनसे उन्हें तथा उनके परिवार को गंभीर सामाजिक, आर्थिक एवं मानसिक कष्ट झेलने पड़े।

🟥 (1) जोखिम भरे पद पर जबरन नियुक्ति

मेरे पिता को बॉयलर मेकर जैसे अत्यंत जोखिमपूर्ण पद पर बिना समुचित विकल्प एवं सुरक्षा विचार के नियुक्त किया गया, जिससे उनका जीवन निरंतर खतरे में रहा।

🟥 (2) रेलवे आवास न देना — अमानवीय जीवन

पूरी सेवा अवधि में उन्हें रेलवे क्वार्टर उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसके कारण:

परिवार को बिना पानी, बिजली और शौचालय के रहना पड़ा

दैनिक क्रियाओं हेतु बाहर जाना पड़ता था

सामाजिक अपमान और मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी

🟥 (3) बच्चों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव

रेलवे आवास, बिजली और शौचालय के अभाव में परिवार को अत्यंत कठिन परिस्थितियों में रहना पड़ा।

इसके कारण:

दैनिक आवश्यकताओं में अत्यधिक समय व्यतीत होता था

बच्चों को पढ़ाई के लिए न तो उचित वातावरण मिला और न ही रोशनी/सुविधाएँ उपलब्ध थीं

परिणामस्वरूप स्व० अर्जुन के बच्चों की शिक्षा गंभीर रूप से प्रभावित हुई और वे समुचित शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके

इस प्रकार विभागीय लापरवाही का प्रत्यक्ष प्रभाव पूरे परिवार के भविष्य पर पड़ा।

🟥 (4) 40 वर्षों तक ट्रांसफर न देना

मेरे पिता ने बार-बार अपने गृह जनपद झांसी स्थानांतरण हेतु आवेदन दिए, किन्तु विभाग ने कोई राहत नहीं दी और उन्हें लगभग 40 वर्षों तक प्रतिकूल परिस्थितियों में सेवा करनी पड़ी।

🟥 (5) वर्ष 1976 में जबरन नसबंदी

सेवा अवधि में वर्ष 1976 में मेरे पिता की नसबंदी जबरन कराई गई, जिसका प्रमाण संलग्न प्रमाणपत्र है जिसमें उनका अंगूठा अंकित है, जबकि वे सामान्यतः हस्ताक्षर करते थे। यह दबाव की स्थिति को दर्शाता है।

🟥 (6) नौकरी के स्थान पर जबरन इंक्रीमेंट

विभागीय नीति में आश्रित को नौकरी देने का विकल्प उपलब्ध था, किन्तु:

विकल्प स्पष्ट नहीं किया गया

लिखित सहमति नहीं ली गई

केवल मामूली इंक्रीमेंट दे दिया गया

जिससे परिवार रोजगार के अवसर से वंचित हो गया।

🟦 संयुक्त निष्कर्ष

उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि:

जोखिमपूर्ण पद पर नियुक्ति

आवास से वंचित करना

बच्चों की शिक्षा प्रभावित होना

ट्रांसफर न देना

जबरन नसबंदी

आश्रित नियुक्ति न देना

ये सभी मिलकर दर्शाते हैं कि स्व० अर्जुन एवं उनके परिवार को सेवा काल में निरंतर प्रशासनिक उत्पीड़न झेलना पड़ा।

🟦 प्रार्थना

अतः निवेदन है कि:

पूरे प्रकरण की जांच कराई जाए

प्रशासनिक अन्याय एवं उत्पीड़न घोषित किया जाए

आश्रित नियुक्ति/समतुल्य राहत पर पुनर्विचार किया जाए

परिवार को उपयुक्त प्रतिपूर्ति/न्याय प्रदान किया जाए

प्रार्थी
महेश कुमार पुत्र स्व अर्जुन
433, तलैया नैनागढ़ नगरा वार्ड नंबर 6 झांसी

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