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फाग महोत्सव में गूँजी युवा कवि देव ठाकुर की कविता



बिल्सी। हिंदी साहित्य सेवा समिति उत्तर प्रदेश, बिल्सी इकाई के तत्वावधान में वृहद मासिक काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन पीठाधीश्वर बलदेव धाम गुधनी, ललितेश्वरानंद जी महाराज के सानिध्य में किया गया। कार्यक्रम “फाग महोत्सव – होली के रंग, कवियों के संग” थीम पर आधारित रहा, जिसमें उपस्थित कवियों ने होली और फागुन की मस्ती से ओतप्रोत रचनाओं का काव्य पाठ किया। कार्यक्रम के आयोजक आचार्य ललितेश्वरानंद जी महाराज ने साहित्य सेवा से जुड़े रचनाकारों को सम्मानित करते हुए उनके योगदान की सराहना की। युवा कवि देव ठाकुर ने अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए फागुन की उमंग और होली की खुशियों का सुंदर चित्रण किया— “फागुन की मस्ती आई है, होली की खुशबू लाई है, रंगों की इस प्यारी दुनिया में, खुशियों की लहर समाई है।” ओजस्वी जौहरी ने बजरंगी धाम की महिमा का वर्णन करते हुए भक्ति रस से सराबोर प्रस्तुति दी। गीतकार नरेंद्र गरल ने देशभक्ति और एकता का संदेश देते हुए अपनी पंक्तियाँ सुनाईं— “बूंद-बूंद मिल जायेगी तो दरिया हो जायेगा, ऐसा रंग उड़ेगा, भारत केसरिया हो जायेगा।” विष्णु असावा ने प्रेम और भाईचारे का संदेश देते हुए कहा— “प्रेम-प्यार की होली का ये पर्व निराला है, तुम भी उस पर डालो गुलाल, जिसने रंग डाला है।” इसके अतिरिक्त अन्य कवियों ने भी अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर ट्री मैन प्रशांत जैन, डॉ. नीरज अग्निहोत्री, विष्णु असावा, संदीप मिश्रा, देव ठाकुर, अमन वार्ष्णेय, सूरज सागर, सौरभ चौहान, विवेक चौहान सहित अनेक साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। संवाद

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