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कौनहारा महातीर्थ में धूमधाम से मनाया गया मसानी होली महोत्सव, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल

हाजीपुर-सोनपुर के हरिहर क्षेत्र हरिपुर स्थित ऐतिहासिक कौनहारा महातीर्थ की पावन भूमि पर शुक्रवार की संध्या 4 बजे से माँ तारा सेवा निधि के सौजन्य से पौराणिक मसानी होली महोत्सव 2026 का भव्य एवं दिव्य आयोजन किया गया। इस अलौकिक उत्सव में हजारों की संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित होकर अद्भुत मसानी होली के दर्शन कर भावविभोर हो गए। यह आयोजन जीवन की क्षणभंगुरता, मृत्यु की अनिवार्यता तथा सांसारिक मोह-माया से मुक्ति एवं मोक्ष प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शिवपुराण एवं दुर्गा सप्तशती में वर्णित है कि इसी पुण्य तिथि को भगवान भोलेनाथ विवाह के पश्चात माता पार्वती को काशी लेकर आए थे और देवताओं के साथ रंग-गुलाल की होली खेली थी। किंतु उनके गण भूत, प्रेत, पिशाच, अघोरी, यक्ष एवं गंधर्व इस उत्सव में शामिल नहीं हो सके, जिससे वे निराश हो गए। अपने प्रिय गणों की निराशा दूर करने के लिए भगवान शिव ने महाश्मशान में चिता भस्म से होली खेली, जो मसानी होली के नाम से प्रसिद्ध हुई। इसी परंपरा को जीवंत रखने के लिए कौनहारा महातीर्थ में इस उत्सव का आयोजन किया जाता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्थानीय विधायक अवधेश सिंह एवं नगर परिषद सभापति डॉ. संगीता कुमारी ने संयुक्त रूप से भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का पूजन एवं आरती कर किया। इसके पश्चात लोक गायक वसंत ठाकुर ने अपने मधुर होली गीतों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। बरसाना, नंदगांव एवं मथुरा से आए कलाकारों ने मटकीफोड़ होली, लड्डूमार होली, लट्ठमार होली, फूल होली एवं गुलाल होली की मनमोहक प्रस्तुति दी।

उत्सव का मुख्य आकर्षण बाबा मसान नाथ, माता मसान काली एवं उनके गणों द्वारा महाश्मशान में चिता भस्म की अनोखी होली थी, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इस अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम के अंत में माँ तारा सेवा निधि के संरक्षक महाकाल बाबा एवं सह संरक्षक अर्जुन दास ने सभी सहयोगियों, भक्तों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता जताई। यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और पौराणिक परंपरा का अद्भुत संगम बनकर सभी के लिए अविस्मरणीय बन गया।

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