बिना अलग राज्य के नहीं होगा बुंदेलखंड का विकास
झांसी। बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। अलग राज्य के समर्थकों का कहना है कि जब तक बुंदेलखंड को पृथक राज्य का दर्जा नहीं मिलेगा, तब तक क्षेत्र का समुचित विकास संभव नहीं है। उनका आरोप है कि बड़े राज्यों में शामिल रहने के कारण यहां के संसाधनों का उचित लाभ स्थानीय जनता को नहीं मिल पा रहा है।
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव द्वारा अलग बुंदेलखंड राज्य के मुद्दे को नकारे जाने के बाद बहस और तेज हो गई है। अलग राज्य के समर्थकों ने उनके बयान का विरोध करते हुए कहा कि यह बयान बुंदेलखंड के हितों के विपरीत है।
विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों — बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा, बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा, बुंदेलखंड क्रांति दल और बुंदेलखंड विकास सेना — ने एक स्वर में कहा कि क्षेत्र के विकास, रोजगार और जनकल्याण के लिए अलग राज्य आवश्यक है। उनका कहना है कि गांव-गांव में अब अलग राज्य की आवाज उठ रही है और सरकार को जनता की भावना का सम्मान करना चाहिए।