12वीं तक की स्कूल में मात्र तीन शिक्षक विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में
बिघोटा (राजगढ़): शिक्षा के बड़े-बड़े दावों के बीच राजस्थान के अलवर जिले के बिघोटा गांव से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है। यहाँ स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय पिछले दो वर्षों से भीषण शिक्षक संकट से जूझ रहा है।
हैरानी की बात यह है कि कक्षा 1 से 12वीं तक संचालित इस विद्यालय में वर्तमान में मात्र 3 शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें दो तृतीय श्रेणी (Grade III) और एक द्वितीय श्रेणी (Grade II) के शिक्षक शामिल हैं। व्याख्याताओं (Lecturers) का एक भी पद भरा हुआ नहीं है, जिसके कारण कक्षा 11 और 12 की छात्राओं की पढ़ाई पूरी तरह ठप पड़ी है।
मुख्य बिंदु:
दो साल से रिक्त पद: लंबे समय से शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन मौन है।
बोर्ड परीक्षाओं का संकट: 12वीं की छात्राओं के लिए विषय अध्यापक न होने से उनके भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों में रोष: स्थानीय निवासियों और पूर्व जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि जल्द ही शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन और तालाबंदी के लिए मजबूर होंगे।