बजट पास होते ही एक्शन मोड में लखनऊ नगर निगम; क्या अब सुधरेगी शहर की सूरत?
लखनऊ | ब्यूरो (पत्रकार आशीष):
राजधानी लखनऊ की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त और सुगम बनाने के लिए नगर निगम ने अपनी कमर कस ली है। बीते रविवार को ही नगर निगम का ऐतिहासिक बजट पास हुआ है, जिसके तुरंत बाद ज़मीनी कार्रवाई का आगाज़ हो गया है। बुधवार को नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार के सख्त निर्देशों के अनुपालन में जोन-7 के जोनल अधिकारी श्री रामेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में एक सघन अभियान चलाया गया।
यह कार्रवाई मुंशीपुलिया चौराहे से लेकर मेडिकल रोड और हाल विधायक वाली मोड़ तक की गई। अभियान के दौरान सड़क की पट्टियों और फुटपाथों पर अवैध रूप से रखे गए लोहे के काउंटर, मेज, कूलर और गुमटियों को ज़ब्त किया गया। ईटीएफ और 296 की टीम ने मौके से कई ठेले और ठेलियां भी हटवाईं, जिससे यातायात में आ रही बाधाएं दूर हुईं। पूरी कार्रवाई अधीक्षक श्री विनय मौर्या की मौजूदगी में संपन्न हुई।
नगर निगम सीरीज की 'पैनी नज़र':
शहर में अतिक्रमण हटाना एक सराहनीय कदम है, लेकिन जनता की निगाहें अब उस ₹300 करोड़ के महा-बजट पर टिकी हैं जो हाल ही में सफाई और विकास के लिए आवंटित हुआ है। सवाल यह है कि क्या यह 'एक्शन' सिर्फ सड़कों तक सीमित रहेगा या बजट का असर शहर की उन तंग गलियों और नालियों में भी दिखेगा जो लंबे समय से उपेक्षित हैं?
निगम सीरीज' इस पूरे बदलाव की बारीकी से निगरानी कर रही है। अतिक्रमण के खिलाफ शुरू हुआ यह अभियान क्या वाकई लखनऊ की 'कायाकल्प' करेगा या यह सिर्फ शुरुआत भर है? आने वाले दिनों में दूध का दूध और पानी का पानी होना तय है।