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सेवा के दो वर्ष-समाज की दशा और दिशा बदलने वाले जननायक राधेश्याम अस्तोलिया भोपाल। राजनीति और समाजसेवा के क्षेत्र में पद तो कई लोगों को मिलते हैं, लेक

सेवा के दो वर्ष-समाज की दशा और दिशा बदलने वाले जननायक राधेश्याम अस्तोलिया

भोपाल। राजनीति और समाजसेवा के क्षेत्र में पद तो कई लोगों को मिलते हैं, लेकिन उस पद को मिसाल बना देने वाले व्यक्तित्व विरले ही होते हैं। अखिल भारतीय तेली महासभा, मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष तेली श्री राधेश्याम अस्तोलिया ने अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण कर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो समाज की तस्वीर बदली जा सकती है। प्रदेश अध्यक्ष जी के बारे में जानकारी देते हुए संतोष राज ने बताया कि 22 फरवरी 2024 को जब उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, तब से आज तक का सफर दो साल बेमिसाल' के रूप में दर्ज हो चुका है। अस्तोलिया जी ने एसी कमरों में बैठकर राजनीति करने के बजाय जमीन पर उतरकर संघर्ष करना चुना। उन्होंने संभाग, जिला और तहसील से लेकर गांव-गांव का दौरा किया। उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि उन्होंने पद केवल कागजों पर नहीं बांटे, बल्कि समाज के नवरत्नों को खोजकर उन्हें जिम्मेदारी सौंपी। एक सच्चे सामाजिक मुखिया की भूमिका निभाते हुए अस्तोलिया जी ने समाज के हर सुख-दुख में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सतना में शुभम साहू हत्याकांड हो या जुलवानिया और सुहागपुर में समाज पर हुए अत्याचार, वे हमेशा पीड़ित परिवार के साथ ढाल बनकर खड़े रहे। पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल में ज्ञापन देकर उन्होंने सत्ता और प्रशासन को समाज की ताकत का अहसास कराया। किसी समाजसेवी के निधन पर शोक संतप्त परिवार के बीच पहुंचकर पगड़ी रस्म निभाना और उन्हें यह ढांढस बंधाना कि आप अकेले नहीं, पूरा संगठन आपके साथ है, उनकी संवेदनशीलता का परिचायक है। अस्तोलिया जी के नेतृत्व में महासभा ने कई ऐसे कार्य किए जो प्रदेश के अन्य संगठनों के लिए प्रेरणा बन गए, भोपाल राजधानी में संगठन का कार्यालय खोलकर हेल्पलाइन नंबर जारी करना और युवाओं व परीक्षार्थियों के लिए ठहरने व भोजन की व्यवस्था करना एक ऐतिहासिक कदम रहा।धर्मशालाओं, मंदिरों और छात्रावासों के लिए सरकारी जमीन आवंटन और निजी निधि से दान देकर उन्होंने समाज की आधारभूत संरचना को मजबूत किया। एक प्रदेश अध्यक्ष होते हुए भी अपने बेटे का विवाह बिना दहेज के सामूहिक सम्मेलन में संपन्न कराकर उन्होंने फिजूलखर्ची और प्री-वेडिंग जैसे आडंबरों के खिलाफ समाज को एक बड़ा संदेश दिया। मुख्य राष्ट्रीय संरक्षक श्रीमती यशोदा बेन मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल राठौर और तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष रविकरण साहू द्वारा व्यक्त किए गए भरोसे को अस्तोलिया जी ने अपनी मेहनत से कई गुना बढ़ाकर सार्थक किया है। 65 वर्ष की आयु में एक युवा जैसा जोश रखने वाले राधेश्याम जी आज मध्य प्रदेश तेली-साहू-राठौर समाज की एकता के सबसे बड़े प्रतीक बनकर उभरे हैं। आदरणीय अध्यक्ष जी ने अपने दो वर्षो के कार्यकाल मे महिलाओ को भी आगे बढ़ाने का कार्य किया एवं संगठन के माध्यम से युवा पीढ़ी को आगे लाकर नेतृत्व देकर समाज को संगठित करने का कार्य किए जा रहें है एवं मध्यप्रदेश मे एकमात्र सामाजिक संगठन जिसने हमेशा ओबीसी वर्ग की मध्यप्रदेश मे 27% आरक्षण की बात दमदारी से रखते है राधेश्याम अस्तोलिया का यह कार्यकाल केवल दो वर्षों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए सेवा, सादगी और संघर्ष का एक रोडमैप है।

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