शिवधाम बेलवाई में रंगमंच की नई शुरुआत
पंचम रंग संस्थान की 10 दिवसीय नाट्य कार्यशाला संपन्न
शाहगंज। शिवधाम बेलवाई के समीप संचालित पंचम रंग संस्थान में आयोजित 10 दिवसीय आवासीय नाट्य कार्यशाला का भावपूर्ण समापन रविवार को हुआ। ग्रामीण अंचल में कला और संस्कृति को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला में विभिन्न जनपदों से आए प्रतिभागियों ने अभिनय की बारीकियां सीखीं।
कार्यशाला का आयोजन कला पथिक मुंबई एवं इंडियन फोर्क एंड मॉडर्न आर्ट अकैडमी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। प्रशिक्षण सत्रों में संवाद अदायगी, देहभाषा, मंच अनुशासन एवं चरित्र निर्माण पर विशेष अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने कहा कि रंगमंच समाज में जागरूकता फैलाने का सशक्त माध्यम है और इसके माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर प्रभावी प्रहार किया जा सकता है।
समापन अवसर पर प्रतिभागियों द्वारा सामाजिक सरोकारों पर आधारित नाटकों की प्रस्तुति दी गई। ‘गांधी जी का चौथा बंदर’ के माध्यम से सामाजिक मौन पर सवाल उठाए गए, जबकि ‘मनुष्य का अंतिम संस्कार’ ने जीवन मूल्यों पर गंभीर चिंतन प्रस्तुत किया। अंधविश्वास विषयक नाटक ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया। प्रस्तुतियों को उपस्थित दर्शकों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम में विश्वनाथ इंटर कॉलेज कलान के प्रबंधक शशि प्रकाश सिंह सहित अन्य अतिथियों ने इस पहल की प्रशंसा की। प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। संस्थान के संस्थापक मनोज सिंह ‘टाइगर’ ने भविष्य में नियमित प्रशिक्षण शिविर एवं सांस्कृतिक आयोजनों के संचालन का संकल्प दोहराया।
ग्रामीण परिवेश में शुरू हुई यह पहल क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है और इससे युवाओं को रचनात्मक मंच मिलने की उम्मीद जगी है।