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असम में प्रस्तावित संयुक्त विपक्षी गठबंधन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।


अखिल गोगोई और लुरिंज्योति गोगोई ने कांग्रेस नेतृत्व द्वारा गठबंधन को अंतिम रूप देने में हो रही देरी पर नाराज़गी जताई है। अखिल गोगोई ने सीट बंटवारे को लेकर 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है और अपनी पार्टी के लिए 15 सीटों की मांग रखी है। उनका कहना है कि यदि तय समयसीमा में स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया, तो वे स्वतंत्र रणनीति अपनाने पर विचार करेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि लंबे समय तक अनिश्चितता की स्थिति विपक्षी एकता को कमजोर कर सकती है। दूसरी ओर, लुरिंज्योति गोगोई ने भी कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए टिप्पणी की कि “तारीख पे तारीख” की राजनीति अब स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को स्पष्टता और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ना चाहिए, अन्यथा जनता में गलत संदेश जाएगा। इधर, Indian National Congress के भीतर भी मंथन जारी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेता Priyanka Gandhi Vadra पहली बार असम के नेताओं के साथ व्यक्तिगत स्तर पर एक-एक कर मुलाकात कर रही हैं, ताकि राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों को समझकर रणनीति तय की जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले सीट साझेदारी और नेतृत्व के प्रश्न पर स्पष्टता बेहद आवश्यक है। यदि विपक्षी दलों के बीच सहमति नहीं बनती, तो इसका सीधा लाभ सत्तारूढ़ दल को मिल सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें अगले 48 घंटों पर टिकी हैं, जो असम की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

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