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सूबे में अपनाया जायेगा गुजरात का सहकारिता मॉडल: डॉ. धन सिंह रावत

अन्न भंडारण, क्रेडिट प्रणाली और डिजिटल विस्तार पर रहेगा विशेष जोर
ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण को बनेगी ठोस रणनीति

📍 गुजरात/देहरादून | दिनांक 19 फरवरी 2026

उत्तराखंड के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने गुजरात प्रवास के दौरान गांधीनगर में सहकारिता से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अन्न भंडारण व्यवस्था, बैंकिंग प्रणाली, डिजिटल विस्तार और किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं का विस्तृत अवलोकन किया।

मीडिया को जारी बयान में डॉ. रावत ने कहा कि उत्तराखंड में सहकारिता क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए गुजरात के सफल सहकारिता मॉडल को अपनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में सहकारी संघों, बैंकों एवं समितियों में आधुनिक प्रबंधन प्रणाली, वैज्ञानिक अन्न भंडारण, पारदर्शी क्रेडिट व्यवस्था और डिजिटल प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता दी जाएगी।

🌾 आधुनिक अन्न भंडारण व्यवस्था का निरीक्षण

गुजरात प्रवास के दौरान डॉ. रावत ने गांधीनगर स्थित सरढव सेवा सहकारी मंडली लिमिटेड के पीएम श्री अन्न भंडारण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां की वैज्ञानिक और सुरक्षित भंडारण प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की व्यवस्था किसानों की उपज को सुरक्षित रखने और खाद्यान्न की गुणवत्ता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी ऐसी आधुनिक भंडारण प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे किसानों की आय में वृद्धि और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

💳 वित्तीय एवं क्रेडिट प्रणाली पर विशेष फोकस

डॉ. रावत ने गांधीनगर जिला सहकारी संघ एवं जिला सहकारी ऋण समिति लिमिटेड का भी दौरा किया। यहां उन्होंने पारदर्शी प्रबंधन, प्रभावी क्रेडिट प्रणाली और वित्तीय समावेशन की योजनाओं की जानकारी ली।

भ्रमण के दौरान उन्होंने जिला सहकारी संघ गांधीनगर के अध्यक्ष कोदरभाई आर. पटेल से मुलाकात कर सहकारिता के विभिन्न आयामों और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर डॉ. रावत ने उत्तराखंड में संचालित सहकारी योजनाओं की भी जानकारी साझा की।

📲 डिजिटल विस्तार से मिलेगी नई दिशा

सहकारिता मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में सहकारी संस्थाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।

🌄 आत्मनिर्भर उत्तराखंड की ओर कदम

डॉ. रावत ने कहा कि सहकारिता सामाजिक समरसता, सामूहिक भागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम है। गुजरात के प्रेरणादायी अनुभवों से सीख लेकर उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जाएगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से ग्रामीण विकास, वित्तीय समावेशन और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लक्ष्य को नई मजबूती मिलेगी।

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