ब्रेकिंग न्यूज़ इटावा इटावा से इस वक्त की बड़ी खबर…
ब्रेकिंग न्यूज़ इटावा इटावा से इस वक्त की बड़ी खबर… विकासखंड महेवा की कई ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद धरातल पर काम नजर नहीं आ रहा है। आरोप है कि सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया और आम जनता को इसकी जानकारी तक नहीं है कि उनकी पंचायत को कितनी धनराशि मिली और कहां खर्च हुई। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों को लाखों रुपये की धनराशि आवंटित की गई थी, लेकिन कई गांवों में न तो साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था दिखाई दे रही है और न ही निर्माण कार्यों का कोई ठोस प्रमाण। ग्रामीणों का कहना है कि कागजों में विकास कार्य पूरे दिखाए गए हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। कुछ ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट के नाम पर भी लाखों रुपये के बिल पास किए जाने का मामला सामने आ रहा है। आरोप है कि यह बिल संबंधित लोगों की स्वयं की फर्मों के माध्यम से पास कराए गए। यदि यह सही पाया जाता है तो यह सीधा-सीधा वित्तीय अनियमितता का मामला बन सकता है। इतना ही नहीं, शासनादेश के अनुसार ग्राम पंचायत सदस्यों को प्रत्येक बैठक के लिए 100 रुपये मानदेय दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन आरोप है कि कुछ कर्मचारियों द्वारा यह कहकर भुगतान रोका जाता है कि “कोरम पूरा नहीं हुआ”। सवाल यह उठता है कि यदि कोरम पूरा नहीं हुआ तो फिर विकास कार्यों के प्रस्ताव और भुगतान कैसे स्वीकृत हो गए? ग्रामीणों और पंचायत सदस्यों ने आशंका जताई है कि कहीं फर्जी हस्ताक्षर कर कार्यों को कागजों में पूरा तो नहीं दिखा दिया गया। अब मांग उठ रही है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए, ताकि यदि किसी स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके फिलहाल मामला गंभीर है और अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है। क्या होगी जांच और क्या सामने आएगा सच… इस खबर पर हमारी नजर बनी रहेगी। रिपोर्टर -नवनीत कुमार सिंह