
प्रतापगढ़ में जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर मनमानी, आम जनता हो रही परेशान
प्रतापगढ़ में जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर मनमानी, आम जनता हो रही परेशान
प्रतापगढ़ (विशेष संवाददाता):
जनपद प्रतापगढ़ में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को लेकर आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार आवेदन के साथ आवेदक का शपथ पत्र, दो गवाहों के शपथ पत्र एवं ग्राम सचिव/नगर पालिका द्वारा की गई स्थलीय जांच रिपोर्ट संलग्न होने के बाद प्रमाण पत्र निर्गत किया जाना चाहिए, लेकिन इसके बावजूद उच्च स्तर पर फाइलों को अनावश्यक रूप से रोका जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर नगर निकायों तक लोगों का आरोप है कि सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद भी कभी “और कागज लाओ”, कभी “ऊपर से आदेश नहीं है” तो कभी “रिकॉर्ड में गड़बड़ी है” जैसे बहाने बनाकर आवेदनों को लंबित रखा जा रहा है। इससे मृत्यु प्रमाण पत्र के अभाव में परिवार को पेंशन, बैंक क्लेम, बीमा, नामांतरण एवं अन्य शासकीय कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और कई मामलों में बिना किसी लिखित कारण के प्रमाण पत्र जारी करने से मना कर दिया जाता है, जो कि जन्म–मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 की भावना के विपरीत है। नियमों के अनुसार यदि कोई कमी हो तो संबंधित अधिकारी को लिखित आपत्ति देकर समयबद्ध निस्तारण करना चाहिए, लेकिन व्यवहार में ऐसा होता नहीं दिख रहा।
जनता ने मांग की है कि इस गंभीर समस्या पर जनप्रतिनिधि संज्ञान लें और शासन स्तर से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि सभी तहसीलों, ब्लॉकों और नगर निकायों में एक समान प्रक्रिया लागू हो सके। साथ ही जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए समय-सीमा तय की जाए और मनमानी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।