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उत्तराखंड शिक्षा विभाग में फर्जी डिग्री से नौकरी पाने पर रिटायरमेंट के वक्त भी खतरा।

देहरादून, मुख्य संवाददाता। फर्जी डिग्री से नियुक्त शिक्षकों को लेकर विभाग ने ब्योरा तलब किया है। इनमें हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयागराज से प्रथमा, मध्यमा के साथ ही अन्य ऐसी डिग्रीधारकों का ब्योरा मांगा गया है, जिनके प्रमाण पत्रों की जांच रिपोर्ट संबंधित संस्थानों से नहीं मिली है।

हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका के मामले में शिक्षा विभाग की ओर से यह कदम उठाया गया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल ने सभी जिलों से ऐसे शिक्षकों का ब्यौरा मांगा गया है, जिनके प्रमाण पत्रों को जांच के लिए संबंधित शिक्षण संस्थान या विश्वविद्यालय को भेजा गया था, लेकिन संबंधित संस्थान की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसमें ऐसे शिक्षक भी शामिल हैं, जिनके प्रमाण पत्रों की जांच रिपोर्ट उनके रिटायरमेंट होने के बाद भी नहीं मिल पाई है।

जबकि ऐसे कई शिक्षक रिटायर होने वाले हैं। इन पर विभाग की ओर से की जा रही कार्रवाई के खिलाफ ऐसे शिक्षक कोर्ट में याचिका दाखिल कर दे रहे हैं। ऐसे में निदेशालय ने हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयागराज से प्रथमा, मध्यमा, अन्य उच्च डिग्रीधारक और अन्य अमान्य डिग्री के आधार पर नियुक्त शिक्षकों का पूर्ण विवरण सभी जिलों से मांगा है, जिसमें उन्हें शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की तिथि का विवरण मांगा गया है।

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