
विधि विभाग में एलुमनाई इंटरेक्शन एवं करियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन
खानपुर कलां-13 फरवरी। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां के विधि विभाग द्वारा छात्राओं के सर्वांगीण विकास एवं करियर मार्गदर्शन हेतु “एलुमनाई इंटरेक्शन एवं करियर काउंसलिंग सत्र” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को विधि क्षेत्र में उपलब्ध विविध करियर अवसरों से अवगत कराना तथा उन्हें व्यावहारिक एवं पेशेवर मार्गदर्शन प्रदान करना था।इस सत्र में विभाग की प्रतिष्ठित पूर्व छात्राओं ने मुख्य वक्ता के रूप में सहभागिता की। डॉ. निर्मला देवी (सत्र 2007–2012), पूर्व प्राध्यापक, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय एवं वर्तमान में चंडीगढ़ में एक कोचिंग संस्थान की निदेशक, ने छात्राओं को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा करियर नियोजन के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने अपने विश्वविद्यालयीन अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि बीपीएसएमवी में प्राप्त शिक्षा, अनुशासन एवं मार्गदर्शन ने उनके करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सफलता के लिए निरंतर परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास को आवश्यक बताया।अधिवक्ता सुमन सेहरावत (सत्र 2006–2009), आपराधिक अधिवक्ता, जिला न्यायालय, गुरुग्राम, ने भी अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा किए और बताया कि विश्वविद्यालय में विकसित आत्मविश्वास, मंच संचालन एवं शैक्षणिक प्रशिक्षण ने उन्हें विधि क्षेत्र में सशक्त आधार प्रदान किया। उन्होंने न्यायालयीन कार्यप्रणाली, वकालत के व्यावहारिक पहलुओं एवं पेशेवर नैतिकता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा छात्राओं को शोध कौशल, धैर्य और समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।कार्यक्रम के संयोजक लेफ्टिनेंट कर्नल (डॉ.) अनिल बल्हारा, संयोजक, एलुमनाई समिति, विधि विभाग ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय एवं पूर्व छात्राओं के बीच सशक्त संवाद और सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्राओं को व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ते हैं और उनके आत्मविश्वास को सुदृढ़ करते हैं।कुलपति प्रो. सुदेश ने अपने संदेश में कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि छात्राओं को जीवन एवं करियर की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि एलुमनाई की सहभागिता से छात्राओं को प्रेरणा, मार्गदर्शन और वास्तविक अनुभवों का लाभ मिलता है, जिससे उनका व्यक्तित्व विकास होता है। उन्होंने विधि विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने पर बल दिया।छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए वक्ताओं से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और अपने संदेहों का समाधान प्राप्त किया।अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया गया।फोटो कैप्शन ;- 01 अतिथियों के साथ आयोजक .