*बागेश्वर धाम के कन्या विवाह महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय पहचान, आठ देशों के राजदूत देंगे आशीर्वाद*
AIMA - Social Media Activist -
*बागेश्वर धाम के कन्या विवाह महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय पहचान, आठ देशों के राजदूत देंगे आशीर्वाद*
*13 से 15 फरवरी तक विशेष उत्सव • 302 बेटियों का होगा विवाह • 30 हजार की संयुक्त एफडी सहित गृहस्थी का पूरा सामान उपहार में*
छतरपुर। बागेश्वर धाम में आयोजित 10 दिवसीय सप्तम कन्या विवाह महोत्सव को इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। बागेश्वर धाम पीठाधीश पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बुधवार को मीडिया संवाद में आयोजन की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि अमेरिका सहित आठ देशों के राजदूत इस महोत्सव में शामिल होकर बेटियों को आशीर्वाद देंगे। देशभर के प्रख्यात संत, महापुरुष और विभिन्न राजपीठों के प्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।
महाराज जी ने बताया कि 13 से 15 फरवरी तक तीन दिवसीय विशेष उत्सव आयोजित किया जाएगा। 13 फरवरी को हल्दी, 14 फरवरी को मेहंदी और 15 फरवरी को वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न होंगे। दूर-दराज से आने वाली बेटियों को एक दिन पूर्व ही बुला लिया गया है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
*बेटियों को मिलेंगे धार्मिक और गृहस्थी के उपहार*
महोत्सव में विवाह करने वाली बेटियों को धार्मिक आस्था और गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए विशेष उपहार प्रदान किए जाएंगे। उपहारों में श्री बालमुकुंद भगवान एवं बालाजी सरकार का विग्रह, श्री रामचरितमानस, वस्त्र, बागेश्वर धाम कैलेंडर, गाय-बछड़ा सहित मंगलसूत्र, पायल, बिछिया, नथ, कान के टॉप्स, सात साड़ियों का सेट, चांदी का सिक्का व चांदी कवर सहित श्रीफल शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त गृहस्थी की आवश्यक सामग्री जैसे डबल बेड, सोफा, ड्रेसिंग टेबल, अलमारी, गद्दे-तकिया, बेडशीट, कंबल, ट्रॉली बैग, एलईडी टीवी, सिलाई मशीन, सीलिंग फैन, वॉटर हीटर, इलेक्ट्रिक प्रेस, दीवार घड़ी, गैस सिलेंडर व चूल्हा, बर्तन सेट, प्रेशर कुकर, मिक्सर ग्राइंडर, स्टील जग, थर्मस, लेडीज पर्स, रोल गोल्ड अंगूठी और अन्य उपयोगी सामग्री प्रदान की जाएगी।
इस बार प्रत्येक जोड़े के लिए 30 हजार रुपये की एफडी भी की जा रही है, जो वर-वधू के संयुक्त नाम से होगी।
*बारात से लेकर पाणिग्रहण संस्कार तक होगी सुव्यवस्थित व्यवस्था*
15 फरवरी को वर एवं वधू पक्ष के स्वागत के साथ विवाह महोत्सव की मुख्य रस्में प्रारंभ होंगी। सभी को स्वल्पाहार प्रदान किया जाएगा। दूल्हों को घोड़ी पर बैठाकर बारात निकाली जाएगी और आयोजन स्थल पर 50-50 जोड़ों के समूह में वरमाला संपन्न होगी। इसके बाद मंडपों में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विद्वान ब्राह्मणों द्वारा विवाह की रस्में कराई जाएंगी।
हर मंडप के लिए एक प्रभारी नियुक्त किया गया है। पाणिग्रहण संस्कार के पश्चात विधिवत विदाई होगी। आयोजन में शामिल होने वाले सभी वर-वधू पक्ष को कार्ड एवं वाहन पास उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
*302 बेटियों का चयन, कई अनाथ व दिव्यांग शामिल*
सप्तम कन्या विवाह महोत्सव के लिए कुल 1648 आवेदन प्राप्त हुए थे। जांच के बाद 1233 आवेदन सही पाए गए, जिनमें से 302 बेटियों का चयन किया गया है। चयनित बेटियों में 60 अनाथ, 8 दिव्यांग, 138 पितृहीन, 28 मातृहीन, 23 ऐसी बेटियां जिनके माता-पिता दिव्यांग हैं तथा 43 अति गरीब परिवारों से हैं।
जातिवार वर्गीकरण में 77 अनुसूचित जाति, 28 अनुसूचित जनजाति, 173 अन्य पिछड़ा वर्ग तथा 24 सामान्य वर्ग की बेटियां शामिल हैं।
प्रदेशवार चयन में मध्य प्रदेश से 229, उत्तर प्रदेश से 56, दिल्ली और महाराष्ट्र से 2-2, नेपाल से 1 तथा छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और हरियाणा से भी बेटियों का चयन हुआ है।
बागेश्वर धाम में आयोजित यह महोत्सव सामाजिक समरसता, सेवा और सहयोग की भावना का प्रतीक बनता जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से सहभागिता दर्ज हो रही है।