
यादों का साज, सपनों की राह पर प्रस्थान : Twinkle English School Nagbhid का Farewell Ceremony उत्साह में संपन्न
नागभीड़ : समिधा सेवा संस्था द्वारा संचालित श्रीमती रामप्यारीदेवी आसारामजी काबरा Twinkle English School Nagbhid में दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों का Farewell Ceremony 2026 उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समिधा सेवा संस्था के अध्यक्ष गणेश तर्वेकर के मार्गदर्शन में तथा सचिव अजय काबरा की प्रमुख उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यालयीन जीवन की यादों को ताजा करते हुए भावनात्मक विदाई दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सचिव अजय काबरा ने की। इस अवसर पर प्राचार्या शुभांगी पोहेकर, मुख्याध्यापिका संगीता नारनवरे, प्रा. शाम पाथोडे तथा प्रा. राजीव खोब्रागडे उपस्थित थे।
विद्यार्थियों ने निरंतरता और आत्मविश्वास अपनाना चाहिए : अजय काबरा
अध्यक्षीय भाषण में अजय काबरा ने कहा, “विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और सकारात्मक विचार अपनाने चाहिए। निरंतर परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर प्रत्येक विद्यार्थी बड़ी सफलता प्राप्त कर सकता है।” सभी मान्यवरों ने विद्यार्थियों को उनके आगामी शैक्षणिक और व्यावसायिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
प्राचार्या शुभांगी पोहेकर ने कहा, “विद्यालय में सीखे गए मूल्य जीवनभर संजोकर रखने चाहिए। अनुशासन और मेहनत के बल पर सफलता के शिखर तक पहुंचा जा सकता है।”
मुख्याध्यापिका संगीता नारनवरे ने कहा, “विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की पहली सीढ़ी है। आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर प्रत्येक विद्यार्थी अपने क्षेत्र में सफल होगा।”
प्रा. शाम पाथोडे ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने का महत्व समझाया। उन्होंने कहा, “असफलता ही आगे की सफलता का मार्ग दिखाती है।”
प्रा. राजीव खोब्रागडे ने कहा कि विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना होना आवश्यक है। अनुशासन और ईमानदारी सफल जीवन का आधार हैं।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यालयीन जीवन की यादों को ताजा किया। कार्यक्रम का संचालन स्कूल हेड गर्ल कु. झेहनब साबरी तथा येलो ग्रुप लीडर कु. राधिका गावंडे ने प्रभावी ढंग से किया। आभार प्रदर्शन कु. तन्वी मसराम ने किया।
कार्यक्रम की सफलता के लिए शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने विशेष सहयोग दिया।