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आईसीएमआर-एनआईआईआरएनसीडी द्वारा बेलवा बालेसर उपकेंद्र पर लेटेंट टीबी स्क्रीनिंग शिविर आयोजित


संवाददाता हितेश प्रसाद
जोधपुर: तपेदिक (टीबी) उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद – राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग कार्यान्वयन अनुसंधान संस्थान (ICMR-NIIRNCD) द्वारा बेलवा बालेसर उपकेंद्र पर सक्रिय टीबी मरीजों के परिवारजनों में लेटेंट टीबी (Latent TB) की पहचान हेतु विशेष स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किया गया।

यह शिविर संस्थान की चल रही शोध परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व वैज्ञानिक डॉ. रमेश कुमार हुडा ने किया। इस अभियान में उनकी टीम के सदस्य डॉ. दीपिका यादव, डॉ. पूजा चौधरी, लक्ष्मीकांत मंधाना तथा मनोज कुमार प्रजापति ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

शिविर के दौरान सक्रिय टीबी मरीजों के परिवार के सदस्यों की जांच कर ऐसे लोगों की पहचान की गई जिनमें टीबी संक्रमण मौजूद है, लेकिन अभी बीमारी के लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसे मामलों की समय रहते पहचान और निवारक उपचार से भविष्य में सक्रिय टीबी होने के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में उपकेंद्र के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) उमराव सिंह का विशेष सहयोग रहा। स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए समुदाय को टीबी के लक्षण, बचाव और समय पर उपचार के महत्व के बारे में जागरूक किया।

आईसीएमआर-एनआईआईआरएनसीडी टीम ने स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और समुदाय के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि भारत के टीबी उन्मूलन लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस प्रकार के सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।

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