
महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ धाम में देवी-देवताओं और दिव्य शक्तियों को आमंत्रण, मंदिर न्यास ने आमंत्रण पत्र के माध्यम से किया आह्वान....
वाराणसी। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर इस वर्ष श्री काशी विश्वनाथ धाम में आध्यात्मिक चेतना को नई ऊंचाई देने वाला एक अनूठा सनातन नवाचार किया जा रहा है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से पहली बार समस्त ब्रह्मांड की सनातन, सात्त्विक एवं शिव-अनुग्रही शक्तियों के विधिवत आह्वान की विशेष पहल की गई है। इस अभिनव आयोजन के माध्यम से महाशिवरात्रि महोत्सव को और अधिक दिव्य, भावपूर्ण एवं आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।
विशेष आमंत्रण पत्र के माध्यम से समस्त देव शक्तियों को श्री काशी विश्वनाथ धाम में आमंत्रित किया गया है। यह आमंत्रण पत्र धाम में विराजमान सभी देव विग्रहों के समक्ष सादर अर्पित किया गया। यह पहल सनातन परंपरा के उस भाव को सजीव करती है, जिसमें देवताओं का आवाहन मंत्र, श्लोक और नाद के माध्यम से किया जाता है।
महाशिवरात्रि महोत्सव के लिए विशेष रूप से रचित मंत्र-श्लोक के माध्यम से देवताओं का आवाहन किया जा रहा है। इस श्लोक का भाव यह है कि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की महाशिवरात्रि के इस महापर्व पर समस्त देवताओं, सात्त्विक शक्तियों और सनातन सत्ताओं को ससम्मान काशी धाम पधारने और श्री काशी विश्वनाथ के सेवकों पर अपना आशीर्वाद प्रदान करने का विनम्र निवेदन किया गया है।
इस आध्यात्मिक नवाचार के अंतर्गत श्री काशी विश्वनाथ धाम में स्थापित पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से इस आमंत्रण मंत्र का नाद पूरे धाम परिसर में एक घंटे तक गूंजेगा। सनातन मान्यता के अनुसार मंत्र और श्लोक के नाद से देव शक्तियों का आह्वान होता है और वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो जाता है। इसी विश्वास के साथ यह दिव्य आयोजन किया जा रहा है।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने विश्वनाथ के सेवक के रूप में सभी न्यासकर्मियों और काशीवासियों की ओर से समस्त देवताओं और सात्त्विक शक्तियों से महाशिवरात्रि महोत्सव में पधारने की कामना की है। न्यास का विश्वास है कि भगवान श्री काशी विश्वनाथ की कृपा और देव शक्तियों के आशीर्वाद से यह महाशिवरात्रि पर्व भक्तों के लिए मंगलकारी, कल्याणकारी और आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण सिद्ध होगा।