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विवादित फ़िल्म ‘घुसखोर पंडित’ के खिलाफ देशभर में आक्रोश, हिंदुत्व की मुखर आवाज़ रिद्धिमा शर्मा ने दर्ज कराया मुकदमा

जयपुर/नई दिल्ली।
विवादित फ़िल्म ‘घुसखोर पंडित’ को लेकर अब मामला राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ता जा रहा है। हिंदुत्व की मज़बूत और मुखर आवाज़ के रूप में पहचान बना चुकीं सामाजिक कार्यकर्ता रिद्धिमा शर्मा ने इस फ़िल्म के खिलाफ सख़्त कदम उठाते हुए जयपुर के कोतवाली थाने में फ़िल्म निर्माता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। रिद्धिमा शर्मा का कहना है कि यह फ़िल्म न केवल हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करती है, बल्कि समाज को जाति और वर्ग के नाम पर बांटने की एक सुनियोजित कोशिश है।

रिद्धिमा शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समाज या समुदाय को अपमानित करने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि फ़िल्म का शीर्षक और कथानक विशेष रूप से ब्राह्मण समाज की छवि को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत करता है, जिससे देशभर में हिंदुओं में रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि “हिंदू समाज को बांटने की किसी भी साज़िश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। चाहे मंच कोई भी हो, विरोध सड़क से लेकर अदालत तक किया जाएगा।”

इस प्रकरण के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों में कई सामाजिक और हिंदू संगठनों ने भी फ़िल्म के खिलाफ़ आवाज़ उठानी शुरू कर दी है। संगठनों का कहना है कि अगर समय रहते इस तरह की फ़िल्मों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह सामाजिक सौहार्द और एकता के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं।

रिद्धिमा शर्मा ने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फ़िल्म की विषयवस्तु की जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले निर्माताओं पर सख़्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का विचार है और इसी मूल भावना को कमजोर करने वाले हर प्रयास का राष्ट्रीय स्तर पर विरोध किया जाएगा।

लेख: ऋषभ पराशर, राष्ट्रीय अध्यक्ष, AIMA मीडिया युवा प्रकोष्ठ

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