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राजनीतिक संरक्षण या प्रशासनिक चुप्पी? राताखार में खुलेआम शासकीय भूमि पर अतिक्रमण...

राताखार वार्ड क्रमांक 1, वार्ड क्रमांक 4 से सटी हुई एक सघन एवं घनी आबादी वाली बस्ती है। इसी क्षेत्र में, आर.के. सिंह, पूर्व साडा अध्यक्ष के मकान से लगे लगभग ढाई–तीन एकड़ शासकीय/नगर निगम की भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है। यह भूमि पूर्व में नगर निगम द्वारा सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र एवं सार्वजनिक गार्डन के लिए प्रस्तावित की गई थी।

गंभीर विषय यह है कि अटल आवास क्षेत्र के कुछ लोग एवं बर्फ फैक्ट्री के आसपास के व्यक्ति इस भूमि पर योजनाबद्ध तरीके से कब्जा बढ़ा रहे हैं। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि इन कब्जाधारियों के हौसले इतने बढ़े कैसे हैं—क्या यह किसी राजनीतिक संरक्षण का परिणाम है या फिर प्रशासन की जानबूझकर की गई अनदेखी?

और भी चिंताजनक तथ्य यह है कि जिस स्थान पर यह अवैध कब्जा किया जा रहा है, वहां से मात्र 200 मीटर की दूरी पर वार्ड क्रमांक 1 के पार्षद का निवास तथा लगभग 500 मीटर की दूरी पर नगर निगम के महापौर का निवास स्थित है। इसके बावजूद यदि अतिक्रमण जारी है, तो यह जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक तंत्र की भूमिका पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

यह मामला केवल भूमि अतिक्रमण तक सीमित नहीं है, बल्कि जनहित, बच्चों के भविष्य और बस्ती के समग्र विकास से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है। अतः संबंधित विभागों से मांग है कि तत्काल स्थल निरीक्षण कर अवैध कब्जों को हटाया जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रस्तावित जनोपयोगी योजनाओं को शीघ्र क्रियान्वित किया जा सके।

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