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मल्लांवाला: बाजारों में अवैध कब्जों का बोलबाला, राहगीर परेशान; नगर पंचायत से कार्रवाई की मांग ​मल्लांवाला/फ़िरोज़पुर (जोगिंदर सिंह खालसा):

मल्लांवाला: बाजारों में अवैध कब्जों का बोलबाला, राहगीर परेशान; नगर पंचायत से कार्रवाई की मांग
​मल्लांवाला/फ़िरोज़पुर (जोगिंदर सिंह खालसा):
मल्लांवाला शहर का मुख्य बाजार इन दिनों अवैध कब्जों की चपेट में है, जिससे आम जनता का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों के बाहर 3-4 फीट तक सामान सजाकर सड़कों को बेहद तंग कर दिया गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन की ढील के कारण स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है।
​प्रमुख बिंदु:
​भयानक ट्रैफिक जाम: स्थानीय निवासी गुरप्रीत सिंह और हरजीत सिंह ने बताया कि कब्जों के कारण बाजार में हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि किसी आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड की गाड़ी का यहां से गुजरना लगभग असंभव है।
​यूनियन का पक्ष: करियाना यूनियन के अध्यक्ष टोनी मोंगा ने स्पष्ट किया कि यूनियन अवैध कब्जों के खिलाफ है। हालांकि, उन्होंने यह मुद्दा भी उठाया कि दुकानों के आगे बेतरतीब ढंग से खड़े होने वाले वाहनों के कारण कारोबारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है।
​प्रशासनिक सुस्ती: लोगों ने मांग की है कि नगर पंचायत बिना किसी भेदभाव के इन कब्जों को तुरंत हटाए और पीली लाइन (Yellow Line) मार्क की जाए ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू हो सके।
​निष्कर्ष: "सड़कें सिमटीं, सब्र टूटा—क्या प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जागेगा?"
​फ़िरोज़पुर की अन्य मुख्य सुर्खियां:
​कानूनी जंग: ग्रामीण अदालतों की नीतियों के विरुद्ध वकीलों का धरना जारी, अदालती कामकाज पूरी तरह ठप।
​पुलिस को बड़ी सफलता: लूटपाट करने वाले गिरोह के 21 आरोपी गिरफ्तार, चोरी का भारी मात्रा में सामान बरामद।
​राज्यपाल की यात्रा: 9 फरवरी से शुरू होने वाली 'नशा विरोधी पैदल यात्रा' के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां मुकम्मल कीं।
​विशेष टिप्पणी (जो जोड़ा गया है):
​बाजारों में बढ़ते अतिक्रमण से न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि आने वाले त्योहारों के सीजन में भारी भीड़ के कारण किसी बड़े हादसे का अंदेशा भी बना रहता है। स्थानीय बुद्धिजीवियों का सुझाव है कि प्रशासन को 'नो पार्किंग ज़ोन' निर्धारित करने चाहिए ताकि पैदल चलने वालों को राहत मिल सके।

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