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सवाल? (लखपति दीदी) योजना जो महिला सशक्तिकरण के नाम पर चलायी जा रही उसमे ऋण महिलाओं को रोजगार देने के लिए मिलता है एफडी बनाने के लिए

*समूह की महिलाओं ने दी सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी, बोलीं- प्रशासनिक प्रक्रिया से लखपति दीदी का सपना टूटा*

पलेरा:जनपद पंचायत पलेरा अंतर्गत ग्राम अलोपा में अवंतीबाई स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने आजीविका मिशन पर गंभीर आरोप लगाए। समूह की सदस्य रोशनी, ममता, किरण, मालती और द्रोपदी ने बताया कि आजीविका मिशन के मैनेजर मनोज जैन द्वारा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। महिलाओं का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर, आफिस के बाबजूद उन्हें रोजाना करीब 25 किलोमीटर दूर पलेरा कार्यालय बुलाया जाता है। पिछले दस दिनों में यह सिलसिला जारी है, जिससे उनका समय बर्बाद हो रहा है और आने-जाने के खर्च बढ़ रहे हैं।

समूह की सदस्य ने बताया कि सहमति के बिना खाते से 1 लाख 50 हजार रुपये की एफडी कर दी गई। महिलाओं ने लोन प्रक्रिया में पारदर्शिता न होने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि ऋण समय पर चुका दिया गया, इसके बावजूद दोबारा ऋण प्रक्रिया करने के लिए उन्हें जोर दिया जा रहा है।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि सहमति के बिना खाते से 1 लाख 50 हजार रुपये की एफडी की गई, जिसकी उन्हें जानकारी तक नहीं दी गई। प्रशासनिक खेवैये से आहत महिलाओं ने चेतावनी दी है, कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ और प्रताड़ना बंद नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से समूह से इस्तीफा दे देंगी।जमीनी हकीकत आजीविका मिशन महिलाओं के हक और अधिकार पर अंकुश

टीकमगढ़ केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण की और महिलाओं को जोड़ने की मुख्य योजना स्व सहायता समूह और लखपति दीदी योजना पर अधिकारियों की उदासीनता और भ्रष्टाचार की वजह से महिला लाभ से कोसो दूर है और यही वजह है धरातल पर योजाना रुप नही ले पा रही सरकार कितने ही प्रयास करले पर अधिकारियों के रवैए के कारण महिलाएं योजानाओ से जुड़ने मे उत्सुकता और उत्साह नही दिखा रही अब उदाहरण से समझिए मामला मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के पलेरा आजीविका मिशन का है जहां रानी अवंतीबाई स्व सहायता समूह का जहां आजीविका मैनैजर द्वारा सदस्य को नवीनीकरण करने और 2 लोन दिलानै का कहकर पैसा जमा करवा लिया उसी मे महिला मीना लोधी जिसकी बेटी की शादी 12 तारीख को है उसने इस आस मे कि नवीनीकरण हो जाऐगा और अपना पैसा भी वापिस आ जाऐगा जमा कर दिया जब जमा हो गया तो मैनैजर ने बेठक के नाम पर लगातार 7 दिनो तक पलेरा बुलाया महिला को मजबूरी थी क्योंकि उसके पास जो पैसा था वो तो उसने जमा कर दिया आगे बेटी की शादी थी परेशान होकर महिला जाती रही पर इनकी बैठको सिलासिला खत्म नहीं हुआ लास्ट मे महिला ने साहुकार से ब्याज मे पैसा लिया और पलेरा मिशन मैनैजर मनोज जैन रवैया की वजह से पलेरा मिशन से कोई महिला जुड़ना नही चाहती

मोदी जी और मोहन जी आप कितने ही महिला सशक्तिकरण की योजनाएं चला ले पर आजीविका मिशन अधिकारियों ने और बैंक वालो ने कसम खा रखी के ऐ महिला सशक्तिकरण होने नही देंगे #पलेरा के आजीविका मिशन मैनैजेर मनोज जैन और ग्रामीण बैंक शाखा प्रबंधक ऐ महिलाओं को प्रलोभन देकर जो ग्रामीण अंचल की महिलाएं है उनको मानसिक प्रताड़ना करना अभी हाल मे अवंतीबाई स्व सहायता समूह जोकि महिलाओं ने अपना ऋण भुगतान कर दिया मिशन मैनैजर और प्रबंधक विना वताऐ एफडी कर दी 29 जनवरी से लगातार आज दिनांक तक महिलाओं को पलेरा बुलाया बैठक के नाम और फिर भी महिलाओं को ऋण नहीं दिया गया अब महिलाओं का कहना है 1500 रुपये तो किराया खर्च हो गयो
*समूह की महिलाओं ने दी सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी, बोलीं- प्रशासनिक प्रक्रिया से लखपति दीदी का सपना टूटा*

पलेरा:जनपद पंचायत पलेरा अंतर्गत ग्राम अलोपा में अवंतीबाई स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने आजीविका मिशन पर गंभीर आरोप लगाए। समूह की सदस्य रोशनी, ममता, किरण, मालती और द्रोपदी ने बताया कि आजीविका मिशन के मैनेजर मनोज जैन द्वारा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। महिलाओं का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर, आफिस के बाबजूद उन्हें रोजाना करीब 25 किलोमीटर दूर पलेरा कार्यालय बुलाया जाता है। पिछले दस दिनों में यह सिलसिला जारी है, जिससे उनका समय बर्बाद हो रहा है और आने-जाने के खर्च बढ़ रहे हैं।

समूह की सदस्य ने बताया कि सहमति के बिना खाते से 1 लाख 50 हजार रुपये की एफडी कर दी गई। महिलाओं ने लोन प्रक्रिया में पारदर्शिता न होने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि ऋण समय पर चुका दिया गया, इसके बावजूद दोबारा ऋण प्रक्रिया करने के लिए उन्हें जोर दिया जा रहा है।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि सहमति के बिना खाते से 1 लाख 50 हजार रुपये की एफडी की गई, जिसकी उन्हें जानकारी तक नहीं दी गई। प्रशासनिक खेवैये से आहत महिलाओं ने चेतावनी दी है, कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ और प्रताड़ना बंद नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से समूह से इस्तीफा दे देंगी।

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