
राष्ट्र कवि प्रदीप - (रामचंद्र नारायणजी द्विवेदी)* जन्म दिवस की शुभकामनाएं । साहित्य जगत में सदैव अमर रहें ।
*AIMA (Media Activists ) - राजू गजभिये(सीताराम)*
*राष्ट्र कवि प्रदीप - (रामचंद्र नारायणजी द्विवेदी)* जन्म दिवस की शुभकामनाएं । साहित्य जगत में सदैव अमर रहें ।
राष्ट्र कवि प्रदीप ( जन्म तहसील बड़नगर जिला उज्जैन , रामचंद्र नारायणजी
द्विवेदी जन्म 6 फरवरी 1915 - 11 दिसम्बर 1988 ) राष्ट्रकवि प्रदीप के
गीतों से मुख्य रुप से देशभक्ति , राष्ट्रप्रेम , त्याग और निस्वार्थ सेवा
की प्रेरणा मिलती हैं ।उनका देशभक्ति से ओतप्रोत गीत ‘‘ ऐ मेरे वतन के लोगो
’’ , ‘‘ दे दी हमें आजादी बिना खडग बिना ढाल’’, और ‘‘ हम लाएॅ है तूफान से
किश्ती निकाल के ’’ जैसी रचनाएं देश की रक्षा ,एकता और भावी पीढी को देश
संभालने की जिम्मेदारी का संदेश देते हैं । ‘‘ ऐ मेरे वतन के लोगों ’’ यह
गीत भारत-चीन युद्ध के दौरान देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए सैनिकों को
श्रद्वांजलि के रुप में लिखा गया था ।
कवि प्रदीप जी ने अपने पांच दशकों के जीवन यात्रा में लगभग 1700/- गीत और
राष्ट्रप्रेम कविताएँ लिखीं , मुख्य रुप से 72 फिल्मों के लिए गीत लिखें
हैं । लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक पूर्ण कर द्विवेदी जी ने मुम्बई को ओर
प्रस्थान किया । वहीं किसी कवि सम्मेलन में निर्देशक हिमांशु राॅय के जानने
वाले एक व्यक्ति ने उनकी कविता से प्रभावित होकर हिमांशु को आग्रह किया कि
वे इस ओर ध्यान दे । बाद में हिमांशु राॅय ने देरी न करते हुए कवि प्रदीप
को 200 रुपये महिने की पगार पर मुम्बई बुला लिया । इसी यात्रा में रामचंद्र
नारायण द्विवेदी जी को अपने रेलगाडी जैसे लम्बे नाम को छोटा कर ‘‘कवि
प्रदीप’’ करना पडा था । हालांकि आज भी मुम्बई में नाम बदलने की यह परम्परा विघ्यमान हैं ।
कवि प्रदीप के 10 सर्वश्रेष्ठ गीत -
(1) ऐ मेरे वतन के लोगों ( गैर फिल्मी , लता मंगेशकर )
(2) दे दी हमें आज़ादी बिना खड़ग बिना ढाल फिल्म - जागृति)
(3) कर चले हम फिदा जान-ओ-तन साथियों (फिल्म - हकीकत)
(4) आओ बच्चों तुम्हं दिखाएँ झाँकी हिंदुस्तान की (फिल्म - जागृति )
(5) पिंजरे कें पंछी रे (फिल्म - नागिन)
(6) चल चल रे नौजवान (फिल्म - बंधन)
(7) कितना बदल गया इंसान (फिल्म - कंगन)
(8) तेरे द्वार खंडा भगवान (फिल्म - वामन अवतार)
(9) कोई लाख करे चतुराई (फिल्म - चंडी पूजा )
(10) हम लाएँ हैं तूफान से किश्ती निकाल के (फिल्म - जागृति)
-राजू गजभिये (सीताराम)