*कभी तो आवाज* "Shayari शायरी"
यू तो मैं मायुस और ना-उम्मीद हूं उनसे, बस अब वक्त उस उम्मीद में गुजर रहा है मेरा, कि कभी तो आवाज देंगे वो मुझे।--असलम बाशा (A.B.)