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विधानसभा में उठा सवाल... खानपुर एसीजेएम कोर्ट की स्वीकृति 9 साल से अटकी, 4700 मामले लंबित

खानपुर में एसीजेएम और एडीजे कोर्ट की स्थापना का मुद्दा मंगलवार को विधानसभा में गूंजा। खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर ने इस मामले पर सरकार को घेरा तो नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए।
विधानसभा में मंगलवार को तारांकित प्रश्न के माध्यम से विधायक ने एसीजेएम कोर्ट की स्थापना पर सवाल उठाया। सुरेश गुर्जर ने कहा कि राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर की ओर से दिसंबर 2016 में खानपुर एसीजेएम न्यायालय की स्थापना का प्रस्ताव सरकार को भेजा था। लेकिन अभी तक सरकार ने उसकी स्वीकृति ही नहीं दी। जिसके कारण वर्तमान में खानपुर क्षेत्र के 4700 मामले लंबित हैं। हालांकि इस न्यायालय के भवन का निर्माण भी अंतिम दौर में चल रहा है। इसके बाद भी एसीजेएम कोर्ट को खोलने में देरी की जा रही है।
विधायक गुर्जर के पूरक प्रश्नों का मंत्री की ओर से संतोषजनक जवाब न दे पाने पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दखल देते हुए सदन में सरकार पर तीखा प्रहार किया। जूली ने कहा कि "यह संभवतः पहला ऐसा मामला है जहां उच्च न्यायालय ने खुद एसीजेएम कोर्ट खोलने का प्रस्ताव भेजा है। लेकिन सरकार वर्षों से उस पर कुंडली मारकर बैठी है।" उन्होंने सीधे तौर पर सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि "यदि सरकार की मंशा साफ है और खानपुर की जनता को न्याय दिलाना चाहती है, तो सदन में ही इस कोर्ट को खोलने की तुरंत घोषणा करें। विधायक गुर्जर ने पूछा कि जब पिछले 2 वर्षों में अन्य स्थानों पर कोर्ट स्थापित किए गए, तो खानपुर का पुराना प्रस्ताव क्यों नजर अंदाज किया गया? मंत्री इस विशिष्ट प्रश्न पर कोई ठोस जवाब देने के बजाय अलग-अलग दलीलें देते नजर आए। जिससे सदन में असंतोष की स्थिति बनी।
एडीजे कैंप कोर्ट पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं : विधायक ने खानपुर में एडीजे कैंप कोर्ट की स्थापना की मांग भी दोहराई। सरकार ने इसे उच्च न्यायालय की कमेटी के पास विचाराधीन बताया, लेकिन सरकार कोई निश्चित समय-सीमा बताने को तैयार नहीं हुई। गुर्जर ने कहा कि खानपुर की जनता के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वे जनता की आवाज को मुखरता से उठाएंगे। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मनोहरथाना विधायक गोविंद रानीपुरिया ने अपने क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
प्रश्न के उत्तर में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि मनोहरथाना विधानसभा क्षेत्र में कुल 412 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत और संचालित हैं। जिनमें 801 मानदेय कार्मिक कार्यरत हैं। इनमें 409 आंगनबाडी कार्यकर्ता, 392 आंगनबाडी सहायिकाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से 271 केंद्र स्वयं के भवनों में, 30 किराए के भवनों में, 77 विद्यालय परिसरों में तथा 30 अन्य राजकीय भवनों में चल रहे हैं। जबकि 4 केंद्र निजी निशुल्क भवनों में संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा 165 आंगनवाड़ी भवन जर्जर अवस्था में हैं। ऐसे सभी केंद्रों को सुरक्षित स्थानों पर संचालित किया जा रहा है, ताकि बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षा बनी रहे।
Aima media jhalawar



















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