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निषाद समाज की सामाजिक समस्याओं एवं समाधान पर परिचर्चा


जबलपुर : निषाद समाज की सामाजिक समस्याओं, उनके समाधान, राष्ट्रीय एकता एवं सांस्कृतिक पुनर्जागरण को लेकर श्री आर. आर. नाविक जी के निवास, न्यू रामनगर अधारताल में एक महत्वपूर्ण परिचर्चा-संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में निषाद समाज के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर गंभीर मंथन करते हुए उनके राष्ट्रीय स्तर पर समाधान के लिए संगठित संघर्ष की आवश्यकता पर बल दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि निषाद समाज विभिन्न उपनामों व संगठनों में बंटा होने के कारण अपनी वास्तविक जनसंख्या, अधिकार और राजनीतिक-सामाजिक शक्ति का पूरा लाभ नहीं ले पा रहा है। इस स्थिति से उबरने के लिए समाज के सभी घटक संगठनों को आपसी मतभेद त्यागकर राष्ट्रीय एकता के सूत्र में बंधना होगा।
परिचर्चा में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि निषाद समाज को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उसके परंपरागत व्यवसायों—मछली पालन, नौकायन, जल संसाधन आधारित आजीविका—को वर्तमान समय की तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार व्यवस्था से जोड़कर संवर्धित व संरक्षित किया जाए, जिससे समाज के कमजोर वर्गों का वास्तविक उत्थान संभव हो सके।
संगोष्ठी में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव रखा गया कि निषादराज जयंती चैत्र शुक्ल पंचमी को ही पूरे देश में एक साथ मनाई जाए। साथ ही यह आह्वान किया गया कि निषाद जन्मोत्सव केवल मंचीय कार्यक्रमों तक सीमित न रहकर “घर-घर से जनआंदोलन” का स्वरूप ले। प्रत्येक परिवार अपने घरों में साज-सज्जा, रंगोली, तोरण, श्वेत धनुष-ध्वज, नीर कलश की स्थापना करे, पंच दीप प्रज्ज्वलित कर अपनी संस्कृति, शौर्य, अस्त्र-शस्त्र-शास्त्र का पूजन-अर्चन करे और इसके बाद श्वेत ध्वज लेकर गली-मोहल्लों से निकलकर सार्वजनिक कार्यक्रम स्थलों तक पहुंचे, ताकि सामूहिक जनचेतना का सशक्त संदेश जाए।
इस अवसर पर राष्ट्रीय निषाद संघ (NAF) एवं निषाद समाज ट्रस्ट द्वारा प्रारंभ की गई निषाद राष्ट्र क्रांति की पहल को देशप्रेम और समाजहित में निर्णायक बताया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय निषाद संघ (NAF) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश अध्यक्ष श्री आर. आर. नाविक, महासचिव/ट्रस्ट अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह केवट, मीडिया प्रभारी एवं ट्रस्ट प्रबंधक श्रीमती नीलम केवट, ट्रस्ट वरिष्ठ सचिव श्रीमती मीरा नाविक सहित अनेक समाजसेवी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
परिचर्चा में समाजसेवी कमलेश श्रीराम निषाद, आजाद कुमार (नागपुर), उदयाभान सिंह (नागपुर), शिव कश्यप, लाल सिंह, धर्मराज कश्यप, शोभाराम नाविक (जबलपुर), ओमप्रकाश नाविक, अंजू नाविक सहित अनेक जलवंशी प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। सभी प्रतिनिधि जबलपुर में आयोजित जलवंशी मांझी परिचय सम्मेलन में भाग लेने के पश्चात इस परिचर्चा में सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती नीलम केवट ने किया तथा आभार प्रदर्शन श्रीमती मीरा नाविक द्वारा किया गया। संगोष्ठी का समापन निषाद समाज की एकता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।

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