
एसटीडी गिरोह के आठ आदमी पुलिस प्रशासन ने दबोचे
पुलिस ने रोडवेज को 40 प्रतिशत राजस्व की हानि पहुंचाने वाले एसटीडी गिरोह के 8 सदस्यों को दबोचने के साथ उनके पास मिला हिसाब-किताब देखा तो उनकी हर महीने करीब 1 करोड़ रुपए की आय सामने आई।
यानी, गिरोह रोडवेज के परिचालक, बस सारथी व सिविल डिफेंस क कर्मचारियों को डरा धमकाकर इतनी बड़ी राशि वसूलता था। अकेले झालावाड़ डिपो की बात करें तो यह गिरोह प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचा रहा था। प्रदेश में छोटे-बड़े 53 डिपो हैं। बड़े डिपो को यह गिरोह प्रतिदिन 3 लाख रुपए तक का नुकसान पहुंचाता था।
हैरानी की बात यह है कि अगर एक डिपो को भी प्रतिदिन 1 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान होता है तो एक महीने में 53 डिपो को 53 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा था। यानी, एक महीने में 15.90 करोड़ रुपए के राजस्व की हानि रोडवेज को हो रही है। ऐसे में गिरोह ने रोडवेज कंडक्टरों से तो एक महीने एक करोड़ रुपए वसूल लिए, लेकिन बदले में राजस्थान रोडवेज को 15 करोड़ से अधिक के राजस्व की हानि भी पहुंचाई है।
झालावाड़ डिपो के मुख्य प्रबंधक नरेंद्र मीणा का कहना है कि एसटीडी गिरोह पर पुलिस का शिकंजा कसते ही एक दिन में ही रोडवेज की आय बढ़ गई। उन्होंने बताया कि पुलिस ने 30 जनवरी को ही गिरोह के सदस्यों को दबोचा तो डिपो को 1.20 लाख रुपए ज्यादा आय हुई। झालावाड़ डिपो की प्रतिदिन की आय का लक्ष्य 10.40 लाख रुपए है, लेकिन एसटीडी गिरोह के कारण रोडवेज की आय 8 से 9 लाख के बीच ही आती थी। यानी, यह गिरोह झालावाड़ डिपो को प्रतिदिन डेढ़ से 2 लाख रुपए का राजस्व की हानि पहुंचा रहा था।
^गोपनीय शिकायत पर पुलिस ने एक महीने तक स्पाई कैमरों की मदद से जांच की तो एसटीडी गिरोह का पर्दाफाश हुआ। यह गिरोह रोडवेज के कंडक्टरों व बस सारथियों को डरा धमकाकर उनसे अवैध वसूली करता था और रोडवेज को करोड़ों रुपए के राजस्व की हानि पहुंचा रहा था। मामले की जांच में आगे और भी कई खुलासे होंगे।
- अमित कुमार, एसपी झालावाड़
एसटीडी गिरोह का सरगना पार्षद नरेंद्रसिंह राजावत- इसके खिलाफ कोतवाली थाने में छह मामले दर्ज हैं। इसमें तीन मामले तो रोडवेज से संबंधित है। इसमें परिचालकों को डराना धमकाना, मैनेजर ट्रैफिक से मारपीट करना। भाई के साथ मारपीट के भी दो मामले दर्ज हैं, तो एक मामला एक्सीडेंट का है।
हर्षवर्धनसिंह- इसके खिलाफ भी झालावाड़ कोतवाली थाने में मारपीट का ही एक मामला दर्ज होना सामने आया है। हरिशंकर मीणा- अकलेरा थाने में 5 मामले दर्ज हैं। तीन एक्सीडेंट और एक मारपीट का मामला दर्ज है। बाबूलाल गुर्जर- 2 मामले दर्ज हैं दोनों मारपीट, गाली गलौज और धमकाने के हैं। एक मामले में धारा तीन भी लगी हुई है। मोहनसिंह उर्फ लाला- इसके खिलाफ भी कोतवाली थाने में दो मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट, धमकी, गाली गलौज के शामिल हैं। एक मामले में धारा तीन भी लगी हुई है।
Aima media jhalawar