
अब बिना घुस के जमिनी काम को किया जाएगा विजय कुमार सिन्हा गरीबों के लिए भगवान बनकर काम कर रहे हैं
🚨 बड़ी खबर: बिहार में जमीन विवाद को लेकर अब पुलिस की 'मनमानी' खत्म! 🛑
बिहार के जमीन मालिकों और आम जनता के लिए बड़ी राहत! उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अब थानों में जमीन के नाम पर होने वाला खेल पूरी तरह बंद होने जा रहा है।
📅 कब से लागू होगा?
यह नया नियम 1 फरवरी से पूरे बिहार में प्रभावी हो जाएगा।
📌 नए नियम की मुख्य बातें:
वर्दी का रौब खत्म: अब पुलिस बिना किसी सक्षम कोर्ट या प्राधिकारी के आदेश के न तो किसी की जमीन पर कब्जा दिलाएगी और न ही चल रहे निर्माण कार्य या चहारदीवारी को रुकवाएगी। ❌👮♂️
काम सिर्फ कानून-व्यवस्था: पुलिस की भूमिका अब केवल शांति बनाए रखने तक सीमित रहेगी। जमीन किसकी है, यह तय करना पुलिस का काम नहीं होगा।
शनिवार को होगा समाधान: हर शनिवार को अंचलाधिकारी (CO) और थाना प्रभारी (SHO) साथ बैठेंगे और जमीन से जुड़े मामलों की समीक्षा करेंगे। 🤝📑
थाना डायरी में एंट्री अनिवार्य: जमीन विवाद की शिकायत मिलते ही पुलिस को अलग रजिस्टर में पूरी जानकारी (खाता, खेसरा, रकबा) दर्ज करनी होगी और इसकी जानकारी तुरंत CO को देनी होगी।
⚖️ अब कहाँ जाना होगा?
जमीन विवाद अब पूरी तरह से राजस्व (Revenue) और न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा होगा। यानी अब फैसला कोर्ट और अंचल कार्यालय से होगा, थाने की सेटिंग से नहीं! 🔨
💡 क्यों लिया गया यह फैसला?
डिप्टी सीएम ने साफ कहा है कि जमीन विवाद की आड़ में पुलिस द्वारा लोगों को डराने-धमकाने और अनावश्यक हस्तक्षेप की शिकायतें मिल रही थीं। अब भ्रष्टाचार और मनमानी पर लगाम लगेगी। 💪🚩
📢 इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि हर बिहारी को अपना अधिकार पता चल सके!