
चेलूसैण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली पर फूटा जनआक्रोश, डीसीएमओ निरीक्षण में उजागर हुईं गंभीर खामियाँ
रिपोर्ट : जयमल चंद्रा
चेलूसैण (पौड़ी गढ़वाल)।
पौड़ी जनपद के चेलूसैण स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से चली आ रही अव्यवस्थाओं को लेकर
आखिरकार प्रशासनिक हलचल देखने को मिली। पिछले दिनों डीसीएमओ डॉ. पारुल गुप्ता स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक सेवाओं के निरीक्षण हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चेलूसैण पहुंचीं। इस दौरान स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं व जनप्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात कर स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर लिखित शिकायती पत्र सौंपा।
निरीक्षण के समय पूर्व प्रमुख श्री रविंद्र रावत, पूर्व मंडल अध्यक्ष भाजपा श्री सुखपाल नेगी एवं सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह रावत मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि चेलूसैण सहित आसपास के कई गांवों की आबादी इस स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है, लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते आम जनता को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है।
सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में नियमित सफाई कर्मचारी की तैनाती नहीं है, जिससे परिसर में जगह-जगह गंदगी फैली रहती है। यह स्थिति किसी भी स्वास्थ्य संस्थान के मानकों के विपरीत है और संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ाती है।
स्वास्थ्य केंद्र में तीन स्टाफ नर्सों की नियुक्ति दर्शाई गई है, लेकिन वे यहां सेवाएं देने के बजाय अन्य स्थानों पर कार्यरत हैं। इसके कारण नर्सिंग सेवाएं लगभग ठप पड़ी हुई हैं।
एक्स-रे टेक्नीशियन का अनुबंध नवीनीकरण न होने के कारण लंबे समय से एक्स-रे सुविधा बंद है। इससे मरीजों को मामूली जांच के लिए भी दूरस्थ अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। शीघ्र टेक्नीशियन की तैनाती की मांग की गई।
स्वास्थ्य केंद्र में डेंटल डॉक्टर की नियमित अनुपस्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति न होने से गंभीर रोगियों को अन्य शहरों में इलाज के लिए भेजा जा रहा है।
अस्पताल की बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त है तथा मुख्य गेट टूटा हुआ है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इनकी शीघ्र मरम्मत की मांग डीसीएमओ के समक्ष रखी गई।
सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि चेलूसैण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण वर्ष 2015 में हुआ था। उन्होंने कहा कि कागजों में यहां एक एमडी डॉक्टर की तैनाती दर्शाई गई है, जो पूर्व में डाडामंडी में सेवाएं दे रहे थे, जबकि वर्तमान में वे संभवतः लक्ष्मण झूला क्षेत्र में कार्यरत हैं।
राजेंद्र सिंह रावत ने कहा—
“मैंने स्वास्थ्य केंद्र की अव्यवस्थाओं को लेकर कई बार मुख्यमंत्री पोर्टल (सीएम हेल्पलाइन) पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आज तक किसी भी शिकायत का समाधान नहीं हुआ। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और डीजी हेल्थ को ई-मेल भी भेजी गई, परंतु वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था की अनदेखी स्पष्ट दिखाई देती है।”
डीसीएमओ डॉ. पारुल गुप्ता ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने की बात कही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक केवल निरीक्षण और आश्वासन ही मिलते रहे हैं। जनता को उम्मीद है कि इस बार प्रशासन वास्तविक कार्रवाई करेगा, ताकि चेलूसैण और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।