
ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में स्वीकार किया गया एसआईआर-2026 :श्री हसीजा
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ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में स्वीकार किया गया एसआईआर-2026 :श्री हसीजा
यह गर्व और कृतज्ञता का क्षण, सम्मान मेरी टीम को समर्पित :श्री हसीजा
एसआईआर ने लोकतंत्र को मजबूत किया तथा शासन तंत्र को भावनात्मक रूप से आमजन के और निकट पहुंचाया:श्री हसीजा
जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) श्री अरुण कुमार हसीजा को एसआईआर-2026 में सर्वश्रेष्ठ कार्य पर राज्य स्तरीय सम्मान
महामहिम राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे के करकमलों से किया गया सम्मानित
फ़ोटो संलग्न
राजसमंद 25 जनवरी। 16 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी), जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा को एसआईआर–2026 के अंतर्गत उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य के लिए राज्य स्तरीय सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान महामहिम राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे के करकमलों से प्रदान किया गया।
समारोह में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन महाजन, मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री राजेश्वर सिंह सहित निर्वाचन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर जिला निर्वाचन अधिकारियों की ओर से अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व और कृतज्ञता का क्षण है।
उन्होंने कहा कि उन्हें अपने सेवाकाल में दो बार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कार्य करने का अवसर मिला है। वर्ष 2002 में वे नाथद्वारा में ईआरओ के रूप में कार्यरत थे, उस समय उन्होंने एसआईआर का कार्य किया था, जबकि वर्ष 2025 में जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में एसआईआर–2026 की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
उन्होंने कहा कि यदि वर्ष 2002 और 2025 की तुलना की जाए तो एसआईआर–2026 के दौरान चुनौतियां कहीं अधिक जटिल थीं। मुख्यतः तीन प्रमुख चुनौतियां सामने थीं—
पहली, समय की अत्यंत सीमित उपलब्धता; दूसरी, एडवांस आईटी आधारित एप्लिकेशन्स का उपयोग; और तीसरी, 23 वर्ष पुरानी मतदाता सूची की मैपिंग, अर्थात यह सुनिश्चित करना कि पुराने रिकॉर्ड में मतदाता का नाम किस स्थान पर दर्ज है।
जिला कलक्टर श्री हसीजा ने कहा कि इन चुनौतियों को सरल बनाने में मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन महाजन का मार्गदर्शन अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा निर्देशन केवल औपचारिक निर्देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समय-समय पर यह भी स्पष्ट किया गया कि कौन-सा कार्य कैसे किया जाना है, उसके विधिक, तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक पहलू क्या हैं। साथ ही, अचानक प्रश्न पूछकर अधिकारियों को निरंतर सतर्क और अपडेट रखने का प्रयास भी किया गया।
उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रारंभ होने से पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशन में टेबल टॉप एक्सरसाइज और मैपिंग करवाई गई, जिसके परिणामस्वरूप राजस्थान में लगभग 60 प्रतिशत मैपिंग कार्य एसआईआर शुरू होने से पहले ही पूर्ण कर लिया गया। यह उपलब्धि पूरी तरह उनके मार्गदर्शन और सतत निगरानी का परिणाम थी।
जिला कलक्टर ने कहा कि एसआईआर के दौरान प्रत्येक विषय पर दिन में तीन बार जिला रैंकिंग जारी की जाती थी। अंतिम रैंकिंग रात 10 बजे जारी होती थी, जिससे यह तय होता था कि रात चैन की नींद लेकर सोना है या अगले दिन और बेहतर कार्य करने का संकल्प लेकर। यदि रैंकिंग बेहतर होती थी तो उसे और सुधारने का प्रयास किया जाता था और यदि कम होती थी तो अगले दिन उसे सुधारने का संकल्प लेकर कार्य किया जाता था। इन निरंतर प्रयासों के कारण ही सभी चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया जा सका।
उन्होंने अपने संबोधन में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास द्वारा दिए गए एक प्रबंधन सूत्र का भी उल्लेख किया— “वर्क नॉट रिव्यूड मीन्स नॉट डन”, अर्थात यदि किसी कार्य की समीक्षा नहीं की जाती, तो वह कार्य प्रभावी रूप से पूरा नहीं माना जा सकता। इसी सिद्धांत को अपनाते हुए चुनाव से जुड़े सभी कार्यों की नियमित समीक्षा की गई।
जिला कलक्टर श्री हसीजा ने कहा कि प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करना एक चुनौती था, लेकिन इसे व्यावहारिक बनाते हुए शाम 6 से 7 बजे तक संवाद का समय निर्धारित किया गया, जिसमें दिनभर किए गए कार्यों पर चर्चा की जाती थी। यह मॉडल इतना प्रभावी सिद्ध हुआ कि हर विषय में निरंतर सुधार होता चला गया।
उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही लोकतंत्र जीवंत होता है, यह विचार स्वयं महामहिम राज्यपाल द्वारा भी व्यक्त किया गया है। एसआईआर के दौरान यह लोकतंत्र जीवंत रूप में दिखाई दिया, जब बीएलओ किसी मतदाता को उसके पिता या दिवंगत परिजन का नाम 2002 की मतदाता सूची में बताता था। उस क्षण मतदाता की आंखों में भावनाओं का उमड़ना और लोकतंत्र के प्रति विश्वास का और मजबूत होना स्पष्ट रूप से दिखाई देता था।
उन्होंने बताया कि जब नवविवाहित महिलाओं को उनके पीहर पक्ष के परिजनों के नाम पुरानी मतदाता सूची में दिखाए जाते थे, तो उनके चेहरे पर सुखद आश्चर्य और भावनात्मक स्मृतियां स्पष्ट झलकती थीं। इन अनुभवों ने लोकतंत्र को और मजबूत किया तथा शासन तंत्र को भावनात्मक रूप से आमजन के और निकट पहुंचाया।
जिला कलक्टर ने कहा कि एसआईआर केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि निष्ठा, कर्तव्यनिष्ठा, पारदर्शिता और निष्पक्षता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा। बीएलओ ने दिन-रात, सर्दी-गर्मी और वर्षा की परवाह किए बिना घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया, वहीं कार्यालयों में आईटी से जुड़े कार्मिकों ने देर रात तक डेटा वेरिफिकेशन और अपडेट का कार्य किया।
उन्होंने बताया कि एसआईआर-2026 को हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में स्वीकार किया गया, जिसमें लगभग 70 देशों के प्रतिनिधियों ने इस मॉडल की सराहना की। उन्होंने कहा कि असहमति लोकतंत्र को कमजोर नहीं बल्कि मजबूत बनाती है और जब अन्य राज्यों में भी एसआईआर प्रारंभ हुआ, तो इससे भारतीय लोकतंत्र और अधिक सुदृढ़ हुआ।
अपने संबोधन के अंत में जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा ने कहा कि इस मंच पर अपने विचार साझा करने का अवसर प्रदान करने के लिए वे मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन महाजन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं तथा इस सम्मान को जिले की पूरी निर्वाचन टीम को समर्पित करते हैं।
एसआईआर–2026 के सफल क्रियान्वयन में राजसमंद जिले द्वारा किए गए प्रभावी नवाचार, सतत निगरानी एवं लक्ष्यबद्ध कार्यप्रणाली को राज्य स्तर पर विशेष रूप से सराहा गया। जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा के नेतृत्व में राजसमंद जिला प्रत्येक अभियान एवं योजना में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त कर रहा है।
सम्मान प्राप्त करने के पश्चात जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा ने यह सम्मान अपनी पूरी टीम को समर्पित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि राजसमंद जिले के समस्त बीएलओ, पर्यवेक्षकों, प्रभारी अधिकारियों, सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों, निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों, सूचना सहायकों एवं प्रोग्रामर्स द्वारा उप जिला निर्वाचन अधिकारी के मार्गदर्शन में किए गए अथक प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि सभी मास्टर ट्रेनर्स ने पर्दे के पीछे रहकर अत्यंत उत्कृष्ट कार्य किया है, जिसके लिए वे विशेष रूप से बधाई के पात्र हैं। टीम भावना, समन्वय और प्रतिबद्धता के चलते ही राजसमंद जिला राज्य स्तर पर पहचान बना सका है।
उल्लेखनीय है कि 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर आयोजित इस समारोह में राज्यभर से चयनित अधिकारियों एवं जिलों को निर्वाचन कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
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सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय,
राजसमंद-313324