
मणिकर्णिका घाट का कायाकल्प: डीएम सत्येंद्र कुमार की अगुवाई में बनेगा विश्वस्तरीय महाश्मशान
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वाराणसी। काशी के प्रसिद्ध महाश्मशान मणिकर्णिका घाट की पहचान अब केवल परंपरा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अब यह *आधुनिक सुविधाओं से लैस विश्वस्तरीय धार्मिक स्थल* के रूप में विकसित होगा। इस ऐतिहासिक परियोजना का नेतृत्व स्वयं *जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार* कर रहे हैं, जिनके सतत निगरानी और स्पष्ट दिशा-निर्देशों में घाट का कायाकल्प तेजी से आगे बढ़ रहा है।
करीब *₹17.56 करोड़* की लागत से चल रहे इस *पुनर्निर्माण कार्य में पुराने स्वरूप* को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं को जोड़ा जा रहा है। वर्तमान में पुरानी सीढ़ियों को समतल किया जा रहा है और शवों के आवागमन हेतु *स्ट्रेचर फ्रेंडली मार्ग* तैयार किए जा रहे हैं।
*डीएम सत्येंद्र कुमार* ने बताया कि नए घाट पर *व्यूइंग गैलरी, रैंप, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था और बेहतर प्रकाश व्यवस्था* की जाएगी, जिससे शोकाकुल परिजनों और श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।
*18 अत्याधुनिक शवदाह संरचनाएं*
परियोजना के अंतर्गत कुल *18 शवदाह संरचनाएं* तैयार की जाएंगी। इनमें से *10 पुरानी संरचनाओं का जीर्णोद्धार* और *8 नई शवदाह संरचनाओं* का निर्माण होगा। सभी *दाह स्थल एलिवेटेड होंगे,* जिससे कम लकड़ी में *शास्त्रसम्मत अंतिम संस्कार* संभव होगा और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।
*स्वच्छता और सुविधा पर विशेष फोकस*
*डीएम सत्येंद्र कुमार* के निर्देश पर घाट पर *वेटिंग रूम, शौचालय, पीने का पानी, वेडिंग ज़ोन, लकड़ी भंडारण स्थल* और आधुनिक *ड्रेनेज सिस्टम* विकसित किया जा रहा है, ताकि वर्षों पुरानी गंदगी और सीवेज की समस्या खत्म हो सके।
*सनातन धरोहरों का संरक्षण*
डीएम ने स्पष्ट किया है कि परियोजना के दौरान *विष्णुपादुका, दत्तात्रेय पादुका, मणिकर्णिका कुंड सहित सभी मंदिरों* और धार्मिक स्थलों का संरक्षण और मरम्मत की जाएगी। किसी भी आस्था या परंपरा से कोई समझौता नहीं होगा।
*पीएम मोदी की परिकल्पना, डीएम की कार्ययोजना*
यह परियोजना *रूपा फाउंडेशन के सीएसआर फंड* से पूरी हो रही है, जिसकी आधारशिला *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी* ने रखी थी। *डीएम सत्येंद्र कुमार* के अनुसार, कार्य पूर्ण होने के बाद यहां प्रतिदिन *100 से 150 शवों* का अंतिम संस्कार सुचारू रूप से किया जा सकेगा।
*डोमराजा परिवार को मिलेगी आधुनिक सुविधा*
डीएम के निर्देश पर महाश्मशान से जुड़े *डोमराजा परिवार* के लिए भी बेहतर और सुव्यवस्थित सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे उनकी सदियों पुरानी परंपरा सम्मानपूर्वक आगे बढ़ सके।
*डीएम सत्येंद्र कुमार की निगरानी में मणिकर्णिका घाट बनेगा आस्था, परंपरा और आधुनिक विकास का प्रतीक।*