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महापालिकाओं में नगरसेवकों के मानदेय में बड़ा अंतर, मुंबई सबसे आगे


मुंबई। संवादाता

राज्य की विभिन्न महापालिकाओं में नगरसेवकों को मिलने वाले मानदेय में बड़ा अंतर सामने आया है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, मुंबई महानगरपालिका में नगरसेवकों को सबसे अधिक मानदेय दिया जाता है, जबकि कई मध्यम और छोटे शहरों में यह राशि काफी कम है।
आंकड़ों के मुताबिक, बृहन्मुंबई महानगरपालिका में 227 नगरसेवकों को प्रति माह 25 हजार रुपये मानदेय मिलता है। नागपुर और पुणे में यह राशि 20 हजार रुपये है। ठाणे, पिंपरी-चिंचवड़ और नाशिक जैसे बड़े शहरों में नगरसेवकों को 15 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है।
नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली, वसई-विरार और छत्रपति संभाजीनगर में नगरसेवकों का मानदेय 10 हजार रुपये निर्धारित है। वहीं उल्हासनगर, भिवंडी-निजामपुर, पनवेल, मीरा-भाईंदर और मालेगांव जैसी महापालिकाओं में नगरसेवकों को 7,500 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं।
राज्य के अन्य शहरों की बात करें तो धुले, जलगांव, अहमदनगर, सांगली-मिरज-कुपवाड़, सोलापुर, कोल्हापुर, परभणी, नांदेड़-वाघाळा, लातूर, अमरावती, अकोला, चंद्रपुर, जालना और इचलकरंजी में भी नगरसेवकों का मानदेय 7,500 रुपये ही है।
मानदेय में इस तरह के अंतर को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। कई नगरसेवकों का कहना है कि काम और जिम्मेदारियां लगभग समान होने के बावजूद मानदेय में इतना फर्क उचित नहीं है। वहीं, राज्य सरकार का तर्क है कि शहर के आकार, जनसंख्या और आर्थिक क्षमता के आधार पर मानदेय तय किया जाता है।
अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में नगरसेवकों के मानदेय को लेकर कोई समान नीति बनाई जाती है या नहीं।

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