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लाडली बहनों के खाते में 1 लाख रुपये भेज सकती है यहां की सरकार, बस करना होगा ये काम

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से राज्य की महिलाओं को मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के तहत लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है. अब तक करोड़ों महिलाएं इस योजना का लाभ उठा चुकी हैं और हर महीने मिलने वाली सहायता से उनके घर का बजट संभल रहा है. इसी कड़ी में अब लाडली बहनों के लिए एक और बड़ी पहल की तैयारी हो रही है. सरकार अब उनके लिए एक इनकम का नया जरिया देने की ओर आगे बढ़ रही है.

ताजा जानकारी के मुताबिक प्रदेश की लाडली बहनों के खातों में एक एक लाख रुपये तक भेजे जा सकते हैं. यह रकम गाय पालन के लिए दी जाएगी जिससे महिलाएं दूध उत्पादन से जुड़कर अपनी कमाई बढ़ा सकें. इस योजना से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है. जान लें कैसे मिलेंगे 1 लाख रुपये

महिलाओं को करना होगा यह काम

मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश की करीब सवा करोड़ लाडली बहनों को गौपालन से जोड़ने की तैयारी कर रही है. इस प्रस्तावित योजना के तहत पात्र महिलाओं को गाय खरीदने के लिए एक एक लाख रुपये तक दिए जाएंगे. जिससे महिलाओं को ऐसा काम मिलेगा जिसमें हर महीने रेगुलर इनकम हो सके. इसके साथ ही सरकार प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाना चाहती है.

फिलहाल एमपी में रोज लगभग 591 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है और सरकार इसमें करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का टारगेट लेकर चल रही है. लाडली बहनों को दुग्ध उत्पादन से जोड़कर यह टारगेट हासिल करने की कोशिश होगी. इससे एक तरफ महिलाओं की आमदनी बढ़ेगी. तो वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा पहुंचेगा और पशुपालन सेक्टर को भी नई ताकत मिलेगी.

कैसे मिलेगा 1 लाख रुपये तक लाभ?

पशुपालन विभाग लाडली बहना गौपालन योजना को फाइनल शेप देने में जुटा है. इस योजना के तहत लाडली बहनों को गाय पालने के लिए सीधे आर्थिक मदद दी जाएगी. पात्र महिलाओं को गाय खरीदने के लिए एक लाख रुपये तक की मदद मिल सकती है. जिससे वह अपना खुद का डेयरी काम शुरू कर सकें. इसमें कैटेगरी के हिसाब से सब्सिडी तय की जाएगी.

एससी और एसटी वर्ग की महिलाओं को लगभग 33 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रस्ताव है. जबकि जनरल और ओबीसी वर्ग की लाडली बहनों को करीब 25 प्रतिशत सब्सिडी मिल सकती है. बाकी रकम सरकार की गारंटी पर बैंकों के जरिए दी जाएगी. जिसे महिलाएं हर महीने आसान किस्तों में चुका सकेंगी.
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