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मध्य प्रदेश में जवाबदेही या जातीय ढाल? मौतों पर सस्पेंशन, अफसर को पदोन्नति!

✍️ डॉ. महेश प्रसाद मिश्रा / भोपाल

मध्यप्रदेश—जो अक्सर “अजब भी, गजब भी” कहा जाता है—इन दिनों एक गंभीर सवाल के घेरे में है: क्या यहां प्रशासनिक जवाबदेही से ज़्यादा पहचान और संरक्षण मायने रखता है?
इंदौर में कथित तौर पर प्रदूषित पानी के कारण 20 से अधिक लोगों की जान जाने की दर्दनाक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। घटना के बाद नगर निगम के कई छोटे कर्मचारी निलंबित कर दिए गए, लेकिन उसी प्रशासनिक ढांचे के शीर्ष पर बैठे अधिकारी—नगर निगम आयुक्त IAS दिलीप यादव—को हटाने के कुछ ही दिनों बाद एमपी पर्यटन विकास निगम का एमडी बना दिया गया।
यह फैसला आम जनता के लिए चौंकाने वाला है। सवाल यह नहीं कि पदस्थापन प्रशासनिक अधिकार है—सवाल यह है कि इतनी बड़ी घटना के बाद जवाबदेही किसकी बनती है?
यदि निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई जरूरी थी, तो शीर्ष जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी को पुरस्कार-सरीखा पद क्यों मिला? क्या यह संदेश नहीं जाता कि गलती की कीमत छोटे लोग चुकाते हैं और बड़े पद संरक्षण में आगे बढ़ जाते हैं?
इसी पृष्ठभूमि में हाल के वर्षों में चर्चित रहे कुछ अफसरों पर लगे आरोप, सीमाओं के उल्लंघन की बातें और फिर भी सत्ता का भरोसा—ये सब मिलकर प्रशासनिक निष्पक्षता पर गहरा प्रश्नचिह्न खड़ा करते हैं।
आम धारणा बन रही है कि जिसके पास ‘सिस्टम की ढाल’ है, वह सुरक्षित है, और जिनके पास नहीं—वे निलंबन और जांच के बोझ तले घर बैठने को मजबूर हैं।
जनता पूछ रही है:
• क्या मौतों की जिम्मेदारी तय होगी या फाइलों में दबी रह जाएगी?
• क्या पद और प्रभाव जवाबदेही से ऊपर हैं?
• क्या शासन में समान मापदंड लागू होते हैं, या पहचान के आधार पर तराजू बदल जाता है?
सरकार के लिए यह सिर्फ एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि विश्वास की कसौटी है। जब तक एक समान, पारदर्शी और निष्पक्ष जवाबदेही नहीं दिखेगी, तब तक हर ऐसी त्रासदी के बाद यही सवाल उठता रहेगा—यह न्याय है या व्यवस्था का अंधा खेल?
मध्य प्रदेश: जहाँ जवाबदेही नीचे वालों की और इनाम ऊपर वालों का तय होता है।
मध्य प्रदेश – अजब भी, गजब भी: मौतों पर सस्पेंशन, अफसरों को प्रमोशन!
मध्य प्रदेश की व्यवस्था: गलती सिस्टम की, सजा कर्मचारी की।
मध्य प्रदेश: मॉडल गवर्नेंस? 20 मौतें, जांच नीचे… और कुर्सी ऊपर!
मध्य प्रदेश: यहाँ कानून किताब में है, फैसले पहचान देखकर होते हैं।

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