
अपना घर के प्रयास से बेटा मिला अपनी पन्द्रह वर्ष से बिछुड़ी माँ से
सात वर्ष पूर्व झालावाड़ कोतवाली द्वारा एक अधेड़ उम्र की मानसिक विमंदित लावारिस महिला को जनवरी 2019 की हाड़ कंपा देने वाली रात में ,जो वहाँ के बस स्टैंड पर बेसहारा पड़ी थी ,को अपना घर आश्रम कोटा भेजा ।पुलिस के अनुसार इस महिला का नाम सुनीता बताया गया लेकिन यह अपना सही पता बताने में असमर्थ थी ।
अपना घर आश्रम में सुनीता को आश्रय देकर उसकी नियमित चिकित्सा प्रारम्भ की गई ।सात साल के बाद उसकी मानसिक अवस्था में कुछ सुधार आने पर कॉन्सलिंग के दौरान सुनीता ने बताया कि वह पटना की रहने वाली है ।पटना थाने में उसका विवरण भेजने पर उसके गुमशुदगी की रिपोर्ट के माध्यम से पुलिस ने उनके परिजनों तक सुनीता के विषय में सूचना पहुंचाई ।अपना घर आश्रम की टीम द्वारा परिजनों की जानकारी मिलने पर उसके बेटे से माँ की बात कराई तो वह अपनी माँ को पहिचान गया और तुरंत अपने एक परिजन के साथ कोटा के लिए रवाना हो गया ।यहाँ आने पर लगभग तीस वर्षीय उसके पुत्र दीपक कुमार ने बताया कि वे दरोगा राय पथ पटना,बिहार के रहने वाले हैं ।मानसिक अस्वस्थ होने के कारण उसकी माँ 2011 में बिना बताए घर से लापता हो गई थी जिसकी रिपोर्ट भी पुलिस थाने में कराई और व्यक्तिगत रूप से भी हमने प्रयास किए ।अब पंद्रह वर्षों बाद पुलिस थाने द्वारा उनकी माँ के विषय में समाचार मिला कि वह कोटा अपना घर आश्रम में है तो पूरे परिवार को बहुत प्रसन्नता हुई ।यहाँ पहुँचने पर अपनी माँ को स्वस्थ देख कर हम सभी बहुत प्रसन्न हैं ।अपना घर आश्रम के इस नेक कार्य के लिए उन्होंने आभार प्रकट किया ।