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दिल्ली PWD के ऑडिट में 7,500 से ज़्यादा CCTV कैमरे ऑफ़लाइन पाए गए। PWD ने रखरखाव के लिए बनाई नई रणनीति

नई दिल्ली: दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के उद्देश्य से लगाए गए CCTV कैमरों के संचालन में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। विभाग अब पुरानी कमियों को सुधारते हुए तकनीक और प्रबंधन के स्तर पर बड़े बदलाव करने जा रहा है।
विफलता के मुख्य कारण: चोरी और तकनीकी बाधाएँ
PWD की हालिया समीक्षा में सामने आया है कि शहर के कई हिस्सों में कैमरों के काम न करने के पीछे कई बाहरी और तकनीकी कारण जिम्मेदार हैं।
असामाजिक तत्व और बुनियादी ढांचा: बार-बार बिजली कटना, कैमरों के कीमती कलपुर्जों की चोरी और तोड़फोड़ (Vandalism) एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।
कनेक्टिविटी का अभाव: नेटवर्क संबंधी समस्याओं के कारण कई कैमरों की लाइव फीड सेंट्रल कमांड सेंटर (CCC) तक नहीं पहुँच पा रही थी।
विकास कार्य: सड़क निर्माण और अन्य कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स के दौरान कैमरों को हटाना या उनकी जगह बदलना भी इनके निष्क्रिय होने का एक मुख्य कारण रहा है।
रखरखाव में बड़ा बदलाव: अब BEL संभालेगी कमान
कैमरों की मरम्मत और देखरेख में होने वाली देरी को खत्म करने के लिए सरकार ने रखरखाव का जिम्मा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) को सौंप दिया है। रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाली यह सार्वजनिक इकाई अब तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए जिम्मेदार होगी।
इसके अलावा, विभाग अब 'एकल टेंडर' प्रणाली (Single Integrated Tender) लागू करने जा रहा है। वर्तमान में कई अलग-अलग ठेकेदारों की वजह से समन्वय में कमी आती थी, जिसे अब एक एकीकृत प्रणाली से बदला जाएगा।
₹100 करोड़ का विस्तार और राजनीतिक सुधार
दिल्ली सरकार ने सुरक्षा के घेरे को बढ़ाते हुए 50,000 अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए ₹100 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
"हम पिछली सरकार की योजना की उन विसंगतियों को दूर कर रहे हैं, जिनके कारण विधानसभा क्षेत्रों में कैमरों का वितरण असमान था। हमारा लक्ष्य हर क्षेत्र को समान सुरक्षा प्रदान करना है।"
— प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, PWD मंत्री
अधिकारियों के अनुसार, खराब कैमरों की संख्या रियल-टाइम में बदलती रहती है, लेकिन नए रखरखाव अनुबंध और अतिरिक्त इंस्टॉलेशन के बाद फीड की निरंतरता और निगरानी की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।

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