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डॉक्टर्स को बाहरी कोर्ट में व्यक्तिगत उपस्थित नहीं होना पड़ेगा, अस्पताल से वीसी से होगी पेशी

जयपुर के एसएमएस अस्पताल के बाद अब झालावाड़ के डॉक्टर्स भी अस्पताल से ही वीसी के माध्यम से कोर्ट की पेशी कर सकेंगे। इसके लिए जिला जनाना अस्पताल में वीडियो कान्फ्रेंसिंग सिस्टम लगाया गया है। इससे पेशी के दौरान डॉक्टर अस्पताल से ही वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ सकेंगे। इस व्यवस्था से समय की बचत होने के साथ ही अस्पताल में डाक्टर्स की उपलब्धता बनी रहेगी। खास बात यह है कि वीसी के लिए उपकरण हाईकोर्ट ने उपलब्ध करवाए हैं।
इस वीसी रिमोट प्वाइंट के लिए पूर्व में चिकित्सा विभाग के निदेशक ने जिला अस्पताल से उनके यहां उपलब्ध वीसी संबंधी संसाधनों की जानकारी मांगी थी। इसके बाद जिला एवं सेशन न्यायाधीश झालावाड़ ने अस्पताल अधीक्षक को पत्र लिखकर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के सामान की आपूर्ति और इंस्टॉलेशन के लिए कार्मिकों के नाम मांगे थे। गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने इस संबंध में 2021 में दिशा निर्देश जारी किए गए थे। सारा सेटअप न्यायालय की ओर से उपलब्ध कराया गया है, जबकि जगह, मैन पॉवर और इंटरनेट अस्पताल का रहेगा।
डॉक्टर्स को मिलेगी राहत... अब जिला न्यायालय के मामलों में ही व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा जिला जनाना अस्पताल में स्थापित वीसी रिमोट प्वाइंट का उद्घाटन बुधवार सुबह दस बजे जिला एवं सेशन न्यायाधीश आलोक सुरोलिया करेंगे। इस सुविधा के बाद यहां कार्यरत स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों, मेडिकल ज्यूरिस्ट एवं अन्य चिकित्सकों को विभिन्न न्यायिक प्रकरणों में पेशी के लिए मुख्यालय से अन्यत्र पेशी पर जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। चिकित्सालय से ही अपनी पेशी वीसी के माध्यम से कर सकेंगे। लंबित मामलों में कमी आएगी हाईकोर्ट के निर्देशानुसार जिला जनाना अस्पताल में वीसी रिमोट प्वाइंट की स्थापना की गई है।जयपुर के बाद यह सुविधा केवल झालावाड़ में उपलब्ध होगी। डॉक्टर्स को पेशी के लिए अब अन्य जिलों के कोर्ट में व्यक्तिगत उपस्थित नहीं होना पड़ेगा। वे अस्पताल से ऑनलाइन जुड़ सकेंगे। - डॉ. संजय जैन, अधीक्षक, जिला जनाना अस्पताल, झालावाड़ अभी तक हॉस्पिटल में झालावाड़ जिला न्यायालय के बाहरी क्षेत्रों के मामलों में डाक्टर्स को पेशी के लिए संबंधित कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से या फिर न्यायालय परिसर झालावाड़ में बने वीसी रूम के जरिए जुड़ना पड़ता था।
अब अस्पताल में ही नया सिस्टम लगने के बाद उनको जिला न्यायालय परिसर के बाहर के मामलों में न तो कोर्ट वीसी रूम में जाना पड़ेगा और न ही व्यक्तिगत रूप से संबंधित बाहरी कोर्ट में जाना पड़ेगा। उन्हें सिर्फ जिला न्यायालय झालावाड़ के मामलों में ही व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा। बता दें कि जिला अस्पताल में कोटा, बारां के अलावा जिला बॉर्डर एरिया से जुड़ा हुआ है, तो मध्यप्रदेश के केस भी यहां आते हैं। अब स्थानीय डॉक्टर्स को मध्यप्रदेश के कोर्ट में भी जाना नहीं पड़ेगा।
{ समय पर गवाह के बयान हो सकेंगे। { सरकारी खर्चे एवं समय की बचत होगी। { ट्रायल भी जल्द ही संभव होगा। { पारदर्शिता के साथ पूरी प्रक्रिया संपन्न होने से कोर्ट केस के लंबित मामलों में कमी आएगी। { केसों का निस्तारण शीघ्र होगा। { डॉक्टर के बाहर जाने पर मरीजों को कम से कम दो दिन तक इलाज के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
Aima media jhalawar




























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