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मणिकर्णिका घाट को लेकर AI-जनरेटेड तस्वीरों से भ्रम फैलाने पर बड़ी कार्रवाई, 8 मुकदमे दर्ज


वाराणसी। मणिकर्णिका घाट के सुंदरीकरण कार्य को लेकर सोशल मीडिया पर AI-जनरेटेड तस्वीरें और भ्रामक सूचनाएं फैलाने के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। इस प्रकरण में थाना चौक पर 8 अलग-अलग अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घाट से जुड़े विकास कार्यों को लेकर गलत जानकारी फैलाकर जनभावनाओं को भड़काने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

8 व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि कुछ लोगों द्वारा मणिकर्णिका घाट से संबंधित AI-जनरेटेड तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गईं, जिनका उद्देश्य लोगों को गुमराह करना था। इस मामले में 8 व्यक्तियों को नामजद किया गया है, जबकि इनके अलावा भ्रामक पोस्ट को रिट्वीट करने और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने वालों को भी अभियुक्त बनाया गया है।



BNS की गंभीर धाराओं में कार्रवाई
थाना चौक पर दर्ज अभियोगों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 298, 299 और 353 के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि ये धाराएं समाज में वैमनस्य फैलाने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने से जुड़ी हैं, इसलिए मामले को गंभीरता से लिया गया है।

सुंदरीकरण कार्य को लेकर फैलाई जा रही थी गलत जानकारी
पुलिस के मुताबिक, मणिकर्णिका घाट के सुंदरीकरण और विकास कार्य को लेकर जानबूझकर ऐसी तस्वीरें और सामग्री प्रसारित की गई, जो वास्तविकता से मेल नहीं खाती थीं। इससे न सिर्फ आम लोगों में भ्रम की स्थिति बनी, बल्कि शांति व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका पैदा हुई।

सोशल मीडिया पर निगरानी और आगे भी होगी कार्रवाई
पुलिस ने साफ किया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी की जा रही है। जो भी व्यक्ति भ्रामक सूचना, AI-जनरेटेड फर्जी तस्वीरें या आपत्तिजनक टिप्पणी फैलाने में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


जनता से अपील
पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट या संदिग्ध जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें और अफवाहों से दूर रहें। मणिकर्णिका घाट से जुड़ा विकास कार्य पूरी तरह नियमानुसार किया जा रहा है और किसी भी तरह की भ्रामक सूचना पर भरोसा न करें।

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