
ऋषिकेश। साइबर अपराधियों ने एक बार फिर कानून और सरकारी एजेंसियों के नाम का दुरुपयोग करते हुए उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक बुजुर्ग दंपती को अपना शिकार बना
ऋषिकेश। साइबर अपराधियों ने एक बार फिर कानून और सरकारी एजेंसियों के नाम का दुरुपयोग करते हुए उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक बुजुर्ग दंपती को अपना शिकार बना लिया। ठगों ने उन्हें करीब 60 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर लगभग 69 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित दंपती मानसिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं। गंगानगर स्थित गंगा रेजीडेंसी निवासी 81 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी भगवत नारायण झा और उनकी पत्नी कमल झा के अनुसार, 17 नवंबर 2025 की सुबह उनके मोबाइल पर एक अज्ञात कॉल आया।
कॉल करने वालों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), साइबर क्राइम सेल और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट का अधिकारी बताया। ठगों ने दंपती को बताया कि उनके आधार नंबर का उपयोग 10 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन में किया गया है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी, संपत्ति कुर्की और जेल भेजे जाने की कार्रवाई होगी। इस बात से भयभीत दंपती ठगों के जाल में फंसते चले गए। आरोपितों ने वाट्सएप कॉल और वीडियो कॉल के माध्यम से दोनों को लगातार निगरानी में रखा। उन्हें किसी रिश्तेदार या परिचित से बात न करने, अपनी लाइव लोकेशन भेजने, सोने-जागने का समय बताने और हर निर्देश का पालन करने के लिए मजबूर किया गया।
मानसिक दबाव इतना अधिक था कि दंपती विरोध करने की स्थिति में नहीं रहे। लगातार धमकियों और भय के चलते भगवत नारायण झा से ठगों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में बड़ी-बड़ी रकम ट्रांसफर करवाई गई। इतना ही नहीं, उन्हें अपनी जमीन और संपत्ति तक बेचने के लिए विवश किया गया। इस पूरे घटनाक्रम में दंपती को कुल 69 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। जब ठगी का अहसास हुआ, तब पीड़ित दंपती ने साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के ‘डिजिटल अरेस्ट’ मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और बुजुर्ग खास तौर पर इनके निशाने पर हैं। यह घटना न सिर्फ साइबर अपराध की गंभीरता को उजागर करती है, बल्कि यह भी बताती है कि कानून के नाम पर डर दिखाकर किस तरह आम लोगों को मानसिक गुलामी में धकेला जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या धमकी मिलने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।