
नवानिया में विराट हिंदू सम्मेलन में उमड़ा जन सैलाब,
हिंदू समाज का संगठन ही सशक्त भारत का आधार, :– निम्बाराम
वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र के नवानिया गांव में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। जानकारी के अनुसार शताब्दी वर्ष के अवसर पर हिंदू समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से समाज जागरण के लिए हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जारहा है। इसी को लेकर नवानिया गांव में विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें बड़ी तादाद में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस ऐतिहासिक सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में क्षेत्रीय प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ निंबाराम का प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। सम्मेलन के दौरान अपने बौद्धिक में निंबाराम ने सभी को एकसाथ चलने, समाज का विकास करने एवं हिंदुओं को संगठित करने का ओजस्वी उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा की हिन्दू पंचाग के अनुसार हमारा नववर्ष विक्रम संवत के रूप में चलता है, अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से नही चलता है। उन्होंने कहा की सनातन धर्म हजारों वर्षों पुराना धर्म है। जब भगवान का पृथ्वी पर अवतरण उसी समय से हमारे सनातन धर्म की उत्पती हुई है। सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग के बाद अब कलयुग आया है। उन्होंने राष्ट्रीय पुन: र्निर्माण के लिए पंच परिवर्तन पर जोर देते हुए सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, स्वदेशी आधारित जीवन, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों के पालन को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव आकर भारत आत्मनिर्भर बन सके। संत सान्निध्य में सांवलिया धाम मूगांणा के महंत अनुज दास महाराज का पावन आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने ओजस्वी उद्बोधन में हाड़ीराणी सहित मेवाड़ वीरांगनाओं एवं मेवाड़ के महापुरुषों के बलिदान के बारे में प्रकाश डाला। विराट सम्मलेन में वल्लभनगर विधायक उदय लाल डांगी, भंवर भट्ट, हिम्मत सिंह झाला, सरपंच जगदीश सेन सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी अतिथि के रूप में भाग लिया। इससे पूर्व गांव में विशाल शौभायात्रा का आयोजन किया गया। इस शौभायात्रा में भगवान एवं महापुरुषों की झांकिया आमजन के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। कार्यक्रम के दौरान बड़ी तादाद में मातृशक्ति की गरिमामय उपस्थिति रही। मातृशक्ति की उपस्थिति समाज की सशक्त सहभागिता को दर्शाती है। विराट हिन्दू सम्मेलन का क्षण सभी लोगो के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण का विषय रहा। इस सम्मेलन में नवानिया गांव के साथ भटेवर, रूपावली, रेंठेड़, तारावट, किकावास, बागथल, नेतावला के साथ आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थित रहकर हिन्दू सम्मेलन को सफल बनाया।