logo

8500 दवा केंद्रों में स्टाफ संकट, फार्मासिस्ट संघ का ऊर्जा मंत्री नागर को ज्ञापन, बजट में नए पद सृजन व शीघ्र भर्ती की मांग।

कोटा। राजस्थान फार्मासिस्ट कर्मचारी संघ (एकीकृत), जिला कोटा शाखा द्वारा ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर को निःशुल्क दवा योजना के सुचारू संचालन एवं आमजन की सुविधाएं बढ़ाने के उद्देश्य से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष डॉ. महावीर प्रसाद खींची, राजीव वर्मा, लोकेश चतुर्वेदी, मुरारीलाल नागर, विनोद सोन, बृजेश नागर एवं पंकज नागर उपस्थित रहे।
जिलाध्यक्ष डॉ. महावीर प्रसाद खींची ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत प्रदेशभर में विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), सेटेलाइट चिकित्सालय, उपजिला चिकित्सालय एवं CMHO कार्यालयों के माध्यम से लगभग 4000 सब-स्टोर एवं 4500 दवा वितरण केंद्र, कुल लगभग 8500 केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से करीब 4000 दवा वितरण केंद्र एवं सब-स्टोर वर्तमान में फार्मासिस्ट के बिना संचालित हो रहे हैं।
फार्मासिस्ट की अनुपलब्धता के कारण रोगियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में रोगी भार अधिक होने से मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है और आमजन का अधिकांश समय अस्पतालों की लाइनों में ही व्यतीत हो जाता है।
उन्होंने बताया कि ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 तथा फार्मेसी एक्ट 1948 के अंतर्गत बिना फार्मासिस्ट के दवाओं का वितरण एवं भंडारण करना गैर-कानूनी है। फार्मासिस्ट संवर्ग में भारी कमी के कारण प्रदेश के अनेक संस्थानों में लगभग 4000 दवा वितरण केंद्र या तो बंद हैं अथवा बिना फार्मासिस्ट के संचालित हो रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा दवा वितरण केंद्र स्वीकृत किए गए हैं, किंतु बढ़ते रोगी भार के अनुपात में, विशेषकर शहरी क्षेत्रों में, फार्मासिस्टों के स्वीकृत पदों में आवश्यक वृद्धि नहीं की गई है, जिससे मरीजों को योजना का पूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा है।
संघ ने मांग की कि आगामी बजट में दवा वितरण केंद्रों पर फार्मासिस्ट के नवीन पद सृजित किए जाएं तथा लंबित फार्मासिस्ट भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण किया जाए। इसके अतिरिक्त प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवा वितरण केंद्र एवं औषधि भंडार (सब-स्टोर) के समुचित प्रबंधन हेतु एक अतिरिक्त फार्मासिस्ट की नियुक्ति की भी मांग की गई, जिससे दवा भंडारण, रिकॉर्ड संधारण एवं जीवनरक्षक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
सादर प्रकाशनार्थ
डॉ. महावीर प्रसाद खींची

0
77 views