आज का यह दिन झारखण्ड प्रदेश और यहां के किसान मजदूर, गरीब, आदिवासियों-मूलवासियों के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण है।
आज का यह दिन झारखण्ड प्रदेश और यहां के किसान मजदूर, गरीब, आदिवासियों-मूलवासियों के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। आज के ही दिन आदरणीय शिबू सोरेन जी का जन्म हुआ था। यह पहला अवसर है जब दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी हम लोगों के बीच में नहीं हैं लेकिन मुझे लगता है कि उनका योगदान, उनका त्याग, उनके बलिदान, उनके विचार आज भी जीवंत हैं, वे हमारे बीच नहीं होकर भी हम सबके बीच हैं।
इस दिवस पर विशेषकर नई पीढ़ी को यहां देख कर और आप लोगों से संवाद करने का अवसर मुझे मिल रहा है।
जब अमीरी या गरीबों की खाई बढ़ती है तो एक टकराव की स्थिति बनती है और यही समय था जब इस राज्य में महाजनों का प्रकोप चरम पर था। ऐसे में जो पढ़े लिखे नहीं थे उनके लिए समय अनुकूल नहीं था।
इसलिए शिक्षित होना कितना अनिवार्य है। हम लोगों के जो अग्रणी लोग रहे हैं उन लोगों ने हमेशा से प्रयास किया बच्चों को शिक्षित करने के लिए। इसलिए शिक्षा का होना हमारे जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है।