*मिथिला विश्वविद्यालय में 10 से 13 जनवरी के बीच आयोजित इंटर कॉलेज युवा महोत्सव प्रतियोगिता निर्धारित शेड्यूल के अनुसार जारी*
*मिथिला विश्वविद्यालय में 10 से 13 जनवरी के बीच आयोजित इंटर कॉलेज युवा महोत्सव प्रतियोगिता निर्धारित शेड्यूल के अनुसार जारी*
*भौतिकवादी एवं मोबाइल के युग में युवाओं के लिए मनोरंजन, सांस्कृतिक परंपरा की रक्षा हेतु युवा महोत्सव का आयोजन महत्वपूर्ण- प्रो अजय नाथ*
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा परिसर में दिनांक 10 से 13 जनवरी, 2026 के बीच पीजी एथलेटिक्स एवं डॉ एपीजे अब्दुल कलाम डब्ल्यूआईटी, दरभंगा आयोजित चार दिवसीय इंटर कॉलेज युवा महोत्सव 2025-26 "अनन्तनाद" आज दूसरे दिन भी निर्धारित इवेंट के अनुसार जारी है। इनमें जुबली हॉल में फोक आर्केस्ट्रा, ग्रुप सोंग इंडियन, स्किट एवं वन एक्ट प्ले, विश्वविद्यालय जन्तु विज्ञान विभाग में क्विज, एलोक्यूशन (अंग्रेजी एवं हिन्दी), ऑन स्पॉट पेंटिंग, कार्टूनिंग एवं पोस्टर मेकिंग तथा विश्वविद्यालय भौतिक विभाग में वेस्टर्न वोकल सोलो, क्लासिकल वोकल सोलो, लाइट वोकल सोलो एवं वेस्टर्न इंस्ट्रूमेंट सोलो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डब्ल्यूआईटी निदेशक प्रो अजय नाथ झा, खेल पदाधिकारी प्रो अमृत कुमार झा, आयोजन सचिव प्रियंका राय, प्रधानाचार्य डॉ शंभू कुमार यादव, एनएसएस समन्वयक डॉ आर एन चौरसिया, जेम्स पोर्टल इंचार्ज डॉ अतानु बनर्जी, डॉ रघुवीर कुमार रंजन, डॉ सुशोभन बनिक, डॉ पुतुल सिंह, डॉ शिवली भट्टाचार्य, डॉ संगीता, डॉ नीतू कुमारी, डॉ रीता कुमारी, डॉ रश्मि कुमारी, डॉ चन्द्रिका, काजल कुमारी, प्राची भारती, डॉ रीता चौहान, डॉ शबनम कुमारी, डॉ कुमुद कुमारी, डॉ सुप्रिया शालिनी, डॉ प्रियंका लाल, डॉ रंजन कुमार, सुनील कुमार मंजुल, मोहम्मद सुलेमान, केशव कुमार, प्रो उमेश कुमार सहित प्रतिभागी कॉलेज के टोली प्रबंधक एवं प्रतिभागी छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन नेहा कुमारी ने किया। आयोजन में सुमित कुमार झा तथा मनीष राज ने बेहतरीन सहयोग किया।
इन प्रतियोगिताओं का शुभारंभ करते हुए डॉ एपीजे अब्दुल कलाम डब्ल्यूआईटी, दरभंगा के निदेशक सह आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो अजय नाथ झा ने कहा कि आज के भौतिकवादी, दौड़-भाग एवं मोबाइल के युग में युवाओं के लिए मनोरंजन, सांस्कृतिक परंपरा एवं मानव मूल्य की रक्षा हेतु युवा महोत्सव का आयोजन काफी महत्वपूर्ण है। मानव जीवन स्वयं ही एक अभिनय है। बच्चों के जन्म काल में ही उसके रोने के स्वर से डॉक्टर को बच्चों के स्वास्थ्य का ज्ञान हो जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में गीत, नृत्य, प्रहसन, अभिनय, मूक प्रदर्शन, सामान्य ज्ञान, वाद विवाद आदि का काफी महत्व होता है। यह युवा महोत्सव उन्हीं का एक आईना है जो छात्र-छात्राओं की क्षमता एवं उत्साह को प्रदर्शित करता है।
विश्वविद्यालय के खेल पदाधिकारी सह सांस्कृतिक समन्वयक प्रो अमित कुमार झा ने कहा कि ऐसे कल कुंभ में प्रदर्शन से छात्र-छात्राओं में संज्ञानात्मक स्फूर्ति, नवाचार एवं लचीलापन का सृजनात्मक संचार होता है। विश्व में सबसे बड़ा युवा देश भारत में सबसे युवा प्रदेश बिहार के युवाओं की प्रतिभा-तलाश एवं हौसला अफजाई हेतु इस तरह के आयोजन अत्यावश्यक हैं। उन्होंने बताया कि निर्धारित कैलेंडर के अनुसार विभिन्न कॉलेजों में सालों भर खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन होते रहते हैं। ज्ञात हो कि पिछले वर्ष 2024-25 में मिथिला विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक टोली ने अखिल भारतीय युवा महोत्सव की प्रत्येक विधा में पदक प्राप्त किया था।
पीजी एथलेटिक्स की अध्यक्षा सह आयोजन सचिव डॉ प्रियंका राय ने बताया कि इस बार कुल 29 इवेंट आयोजित किये जा रहे हैं, जिनमें दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर तथा बेगूसराय जिले के कॉलेजों की टीमें भाग ले रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक आयोजित प्रतियोगिताओं के परिणाम निर्णायक मंडल के सदस्यों द्वारा गुप्त रूप से सील बंद लिफाफे में जमा किए जा रहे हैं, जिन्हें समापन समारोह में 13 जनवरी को समेकित रूप से घोषित किया जाएगा।