
बीकानेर में 2 फरवरी को ‘खेजड़ी बचाओ महा आंदोलन’, रावला मंडी में पर्यावरण बचाओ न्याय यात्रा पहुंची
रावला मंडी।
खेजड़ी वृक्ष एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए कठोर कानून बनाए जाने की मांग को लेकर 2 फरवरी को बीकानेर संभाग मुख्यालय पर प्रस्तावित खेजड़ी बचाओ महा आंदोलन की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी क्रम में शनिवार को पर्यावरण बचाओ न्याय यात्रा रावला क्षेत्र के श्री गुरु जंभेश्वर मंदिर पहुंची, जहां पर्यावरण प्रेमियों ने आमजन से अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन में भाग लेने की अपील की।
यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर विचार-विमर्श किया गया और प्रस्तावित खेजड़ी बचापड़ाव को सफल बनाने का संकल्प लिया गया। अभियान के तहत जनजागरण कर लोगों को खेजड़ी संरक्षण के लिए एकजुट होने का संदेश दिया गया।
इस यात्रा का नेतृत्व जांबा महंत आनंद प्रकाश स्वामी, भागीरथ दास शास्त्री, परसराम खोखर, पप्पू राम डारा, रामगोपाल बिश्नोई, रिछपाल फौजी, सांवर राम भादू, रामसिंह कस्वा, कालु सुथार, ओम बिश्नोई शिवकुमार गोदारा, बंसीलाल गोदारा, सुभाष नेहरा, भोजराज छापोला, गंगा विशन पूनिया, बुधराम गोदारा, सुशील खिलेरी सुमेश गोदारा गोदारा सहित अनेक समाजसेवी संस्थाओं के अध्यक्ष और पर्यावरण प्रेमी कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे
बैठक में बिश्नोई समाज के प्रबुद्धजन, महिलाएं, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि खेजड़ी वृक्ष मरुस्थलीय जीवन की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण के बिना पर्यावरण संतुलन संभव नहीं। गुरु जंभेश्वर के 29 सिद्धांतों का स्मरण कर पर्यावरण संरक्षण को आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया गया।
कार्यक्रम के दौरान अमृता देवी बिश्नोई और 363 बलिदानियों को नमन किया गया और आमजन से आह्वान किया गया कि वे 2 फरवरी को बीकानेर पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाएं। पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि खेजड़ी केवल वृक्ष नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा है।
इस आंदोलन को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए गांव-गांव संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। बैठक के बाद बताया गया कि रावला परिक्षेत्र से करीब 5000 लोग बीकानेर प्रदर्शन में शामिल होंगे। वाहनों की व्यवस्था सभा समिति करेगी और इसके लिए गांव-गांव में दल बनाकर संपर्क किया जाएगा।