*पलवल के सुरों ने मुंबई में बजाया सफलता का बिगुल*
कृष्ण कुमार छाबड़ा
पलवल, 11 जनवरी
जवाहर नगर कैम्प से निकलकर सरदाना दंपति संध्या विकास सरदाना ने अपने हुनर, कड़ी मेहनत और अटूट जुनून के दम पर मायानगरी मुंबई में संगीत की दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना ली है। आज उनका नाम सिर्फ किसी एक शहर पलवल तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे भारत की शान बन चुका है।
इस कामयाबी को और खास बनाती है उनकी धर्मपत्नी संध्या सरदाना, जिन्हें उन्होंने गायन के क्षेत्र में बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत किया है। दोनों की सुरों भरी जुगलबंदी, शानदार तालमेल और भावनाओं से जुड़ी आवाज़ श्रोताओं के दिलों में खास जगह बना रही है। शायद पलवल में रहते हुए इस संघर्ष और सफलता की गूंज उतनी साफ न सुनाई दी हो, लेकिन आज जब वही सुर मुंबई जैसे बड़े मंच पर गूंज रहे हैं तो यह केवल एक कलाकार की जीत नहीं, बल्कि पूरे पलवल का गौरव है। देखिए उस सफर की झलक, जहाँ सपने, साधना और संगीत - तीनों ने मिलकर रचा इतिहास।