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बच्चे देश का भविष्य, इन्हें खूब पढाएं, देश और तेजी से करेगा उन्नति-न्यायमूर्ती सूर्यकांत

हरियाणा,जिला हाँसी , भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के पैतृक गांव पेटवाड़ में पहुचने पर ग्रामीणों.ने उनके जोरदार सम्मान में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। पैतृक गांव में पहुंचने पर -नगाड़ों के साथ उन्हें खुली जीप से मुख्य मंच तक लाया गया, जहां ग्रामवासियों ने पगड़ी पहनाकर मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत को सम्मानित किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अपने गांव, शिक्षकों, माता-पिता, बुजुर्गों और ग्रामवासियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन के संघर्षों को साझा करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षकों की निष्ठा और बुजुर्गों के आशीर्वाद ने उन्हें आगे बढऩे की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा सबसे बड़ा निवेश है और प्रत्येक परिवार को बच्चों की पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली बच्चों को सामूहिक सहयोग से उच्च शिक्षा दिलाने का आह्वान किया तथा इसके लिए स्वयं आर्थिक सहयोग देने की भी घोषणा की। मुख्य न्यायाधीश ने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि बच्चे भविष्य में हरियाणा और देश का नाम राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे। उन्होंने युवाओं को सेना, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, सिविल सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं का और अधिक विकास होगा। उन्होंने आयोजन समिति, ग्रामवासियों और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गांव का स्नेह और आशीर्वाद उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने स्कूल के दिनों को याद करते हुए कहा कि इसी स्कूल में दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। स्कूल से हमेशा लगाव रहेगा। उन्होंने कहा कि बेशक उस समय स्कूलों में सुविधाएं अधिक नहीं होती थी लेकिन अध्यापकों में पढ़ाने के प्रति समर्पण बहुत अधिक था। उन्होंने याद करते हुए कहा कि इस स्कूल के बड़े हॉल में धान की पराली बिछाकर पढते थे और रात को भी अध्यापक काफी देर तक पढ़ाते थे, ताकि उनके स्कूल का परिणाम क्षेत्र के अन्य स्कूलों की तुलना में बढिय़ा आए।
इस दौरान गांव के विकास को लेकर बस स्टेंड के पास एक एकड़ जमीन पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण, नए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के पुराने भवन को कंडम करवाकर नया भवन बनवाने, डोबा वाले तालाब के पीछे हर्बल पार्क बनवाने, ई-पुस्तकालय स्थापित करवाने, डोबा तथा डोबी तालाब का सौंर्दयकरण करवाने, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सौलर पैनल लगवाने सहित कई मांगे रखी गई, जिन पर मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि कल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा था कि गांव की जो भी मांगे रखी जाएंगी, उन सभी को पूरा करवाया जाएगा। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने सीजेआई सूर्यकांत तथा अन्य अतिथियों को स्वागत किया। उन्होंने गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को मॉडल संस्कृति स्कूल बनाने की घोषणा की। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने मेधावी बच्चों को सम्मानित भी किया। इससे पूर्व सीजेआई सूर्यकांत ने गांव स्थित मंदिर में जाकर माथा टेका।
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का स्वागत करते हुए कहा कि श्री सूर्यकांत से कई बार वार्तालाप हुआ है। उनकी बातों में गांव की खुशबू महसूस होती है। उन्होंने बच्चों का आह्वान करते हुए कहा कि न्यायमूर्ति सूर्यकांत का जीवन प्रेरणा का स्त्रोत है, इसलिए बच्चे इनके जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़े और मुकाम हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करें। उन्होंने कहा कि मेहनत सफलता की कुंजी है। हमेशा लक्ष्य हासिल करने के लिए मेहनत और जुनून का रास्ता चुने।
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि मेहनत से हर मुकाम को हासिल किया जा सकता है। सीजेआई सूर्यकांत ने इस बात को साबित करके दिखाया है। आज मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत हर युवा के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि सम्मान समारोह में गांव के विकास को लेकर जो मांगे रखी गई हैं, उन सभी मांगों को पूरा प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाया जाएगा। सम्मान समारोह के दौरान बच्चों ने अपने हाथों से बनाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पेंटिंग को भीड़ के बीच से अपने हाथों में उठाकर दिखाया। सीजेआई श्री सूर्यकांत की नजर जैसे ही बच्चों पर पड़ी तो उन्होंने हाथ हिलाकर बच्चों को मंच पर बुलाया और दुलार करते हुए सम्मानित किया। बच्चों ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के साथ सेल्फियां भी ली। कार्यक्रम के दौरान सीजेआई सूर्यकांत की धर्मपत्नी सविता वशिष्ठ को भी गांव की ओर से सम्मानित किया गया। गायक लोकेश शर्मा ने सीजेआई सूर्यकांत के सम्मान में उनके जीवन पर आधारित गीत प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश हरसिमरन सिंह सेठी, हिसार डिवीजन की प्रशासनिक न्यायाधीश अलका सरीन, हिसार की जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलका मलिक, एडीजे निशांत शर्मा, सीजेएम अशोक कुमार, सीजेएम राजीव श्योकंद, कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा, सफीदों विधायक रामकुमार गौतम, विधायक रणधीर पनिहार व नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़, जिला परिषद के चेयरमैन सोनू सिहाग डाटा, पूर्व राज्यसभा सांसद डीपी वत्स, पूर्व विधायक शिवशंकर भारद्वाज, उपायुक्त राहुल नरवाल, पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन, एसडीएम विकास यादव, हांसी बार एसोसिएशन प्रधान पवन रापडिय़ा, हिसार बार एसोसिएशन प्रधान संदीप बूरा, मास्टर ऋषिकांत, मास्टर फुलकुमार, सरपंच प्रतिनिधि सतबीर सिंह तथा कई न्यायाधीश, प्रशासनिक अधिकारी तथा क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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