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लंग्स में गंदा पानी चले जाने से खतरे में थी नवजात की जान, 8 दिन मशक्कत कर बचाया

झालावाड़| जन्म के बाद एक नवजात बच्चा रोया नहीं और लंग्स में गंदा पानी चले जाने से सांस नहीं ले पा रहा था। ऐसे में उसकी जान खतरे में थी। बच्चे को संजीवनी व्यास हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर लाया गया जहां बच्चे को शिशु रोग विशेषज्ञों ने एनआईसीयू की क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती कर अपने सुपरविजन में रखा। आठ दिन इलाज किया तब जाकर बच्चे की जान बच पाई। अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है।
जुल्मी सुकेत निवासी आशा पत्नी अजय की संजीवनी व्यास हॉस्पिटल में 10 दिन पहले प्रसव हुआ और एक बच्चे को जन्म दिया। हॉस्पिटल की पीडियाट्रिक विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका मेहर ने बताया कि सांस नली द्वारा दवाई (सर्फेक्टेंट) डाला गया। इससे फेफड़ों का संक्रमण दूर हुआ और बच्चा सांस लेने ओर छोड़ने लगा। तीन दिन वेंटिलेटर रखा गया। बाद में उसे केप मशीन में रखा गया। यह मशीन बच्चे करे नींद के दौरान श्वसन मार्ग को खुला रखने के लिए निरंतर हवा का दबाव देती है। इससे बच्चे की नींद में भी सांस चलती रही। आठ दिन बाद बच्चे को डिस्चार्ज किया।
Aima media झालावाड़












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