
खाकी का 'दागी' प्रेम: फरार बलात्कारी दे रहा DIG को गुलदस्ता, सुशासन के दावे हुए शर्मसार!
✍️ डॉ. महेश प्रसाद मिश्रा / भोपाल
ग्वालियर/भोपाल: मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था और 'सुशासन' के दावों की हवा निकालती एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रही है। ग्वालियर पुलिस की फाइलों में फरार और 'अदृश्य' बलात्कार का आरोपी मकरंद बौद्ध, मध्य प्रदेश पुलिस के D.I.G. श्री अमित सांघी को मुस्कुराते हुए गुलदस्ता भेंट कर रहा है। यह तस्वीर न केवल सामाजिक न्याय के प्रति भयावह है, बल्कि उन पीड़िताओं के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है जो न्याय की आस में दर-दर भटक रही हैं।
फरार अपराधी या 'अतिथि'? पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि जिस अपराधी को पकड़ने के लिए पुलिस को छापेमारी करनी चाहिए, वह अपराधी बड़े ही रसूख के साथ आला अधिकारियों के दफ्तरों में हाजिरी दे रहा है।
• सवाल यह है कि: जिस आरोपी को पुलिस रिकॉर्ड में 'फरार' बताया जा रहा है, वह D.I.G. साहब तक कैसे पहुँच गया?
• सुरक्षा में सेंध या सांठगांठ? क्या ग्वालियर पुलिस इतनी लाचार है कि उसे अपने जिले के सबसे चर्चित आरोपी की लोकेशन नहीं पता, जबकि वह साहब को गुलदस्ते भेंट कर रहा है?
CSP की शादी से DIG के दफ्तर तक: रसूख का नंगा नाच
सूत्रों और चर्चाओं के अनुसार, मकरंद बौद्ध का रसूख इतना है कि वह पूर्व में सीएसपी (CSP) हिना खान की शादी जैसे हाई-प्रोफाइल कार्यक्रमों में भी शामिल हो चुका है। पुलिस के आला अधिकारियों का यह "अपराधी प्रेम" मध्य प्रदेश शासन की राजनीति और पुलिसिंग के उस चेहरे को बेनकाब करता है, जहाँ खाकी और अपराधी के बीच की रेखा धुंधली पड़ चुकी है।
'ये रिश्ता क्या कहलाता है?'
आम जनता अब सोशल मीडिया पर पूछ रही है— "ये रिश्ता क्या कहलाता है?" क्या अपराधियों को संरक्षण देना ही अब पुलिस का नया धर्म बन गया है? एक तरफ राज्य सरकार अपराधियों के घर पर बुलडोजर चलाने का दावा करती है, और दूसरी तरफ एक बलात्कारी पुलिस के उच्च पदस्थ अधिकारियों के साथ फोटो खिंचवा रहा है।
यदि न्याय के रखवाले ही अपराधियों के हाथों से सम्मान ग्रहण करेंगे, तो आम आदमी न्याय की उम्मीद किससे करेगा? यह तस्वीर मध्य प्रदेश पुलिस की साख पर एक ऐसा धब्बा है जिसे धोना नामुमकिन होगा। सरकार को इस पर तत्काल स्पष्टीकरण देना चाहिए कि आखिर एक फरार अपराधी को डीआईजी स्तर के अधिकारी से मिलने की अनुमति किसने और कैसे दी?