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सड़कों पर बेसहारा घूम रहे गोवंश से बढ रहा हादसों का खतरा, प्रशासन मौन

सड़कों पर बेसहारा घूम रहे गोवंश से बढ़ रहा हादसों का खतरा, प्रशासन मौन

पीलीबंगा विनोद खन्ना
शहर में नंदी गौशाला और अन्य गौशालाएं संचालित होने के बावजूद आवारा गोवंश की समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है। शहर के मुख्य बाजारों, चौराहों और गलियों में जगह-जगह घूम रहे गोवंश और नंदी न केवल यातायात को बाधित कर रहे हैं, बल्कि आए दिन होने वाले हादसों का कारण भी बन रहे हैं। विशेषकर सर्दी के मौसम में कोहरे और कम दृश्यता के चलते स्थिति और अधिक भयावह हो गई है।

आमजन में गहरा रोष, प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप

इस गंभीर मुद्दे को लेकर शहरवासियों ने कड़ा विरोध जताया है। स्थानीय निवासी बबलू सोनी और सुखदेव सिंह सोनी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में गौशालाओं की उपलब्धता होने के बावजूद बेसहारा पशुओं को वहां स्थानांतरित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
बबलू सोनी ने कहा, "एक ओर सरकार और प्रशासन गोवंश के संरक्षण के बड़े-बड़े दावे करते हैं, वहीं दूसरी ओर पीलीबंगा की सड़कों पर ये बेसहारा पशु भूख और ठंड में दर-दर भटकने को मजबूर हैं। इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।"

हादसों को न्योता दे रही सड़कों पर बैठी 'गौमाता'

सुखदेव सिंह सोनी ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है। रात के समय अंधेरे और धुंध में सड़कों के बीच बैठे पशु नजर नहीं आते, जिससे वाहन चालक उनसे टकराकर घायल हो रहे हैं। कई बार ये हादसे जानलेवा भी साबित होते हैं। प्रशासन शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, तभी अब तक कोई समाधान नहीं किया गया।

समाधान की मांग

शहरवासियों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अभियान चलाकर इन बेसहारा गोवंश और नंदी को गौशालाओं में सुरक्षित पहुंचाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो शहरवासी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

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