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वाराणसी रोपवे को लेकर वायरल वीडियो भ्रामक, मंडलायुक्त ने बताया—सेफ्टी टेस्टिंग का है दृश्य


वाराणसी। सोशल मीडिया पर वाराणसी रोपवे के गंडोला के हिलने से जुड़ा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो पूरी तरह भ्रामक है और उसे गलत संदर्भ में फैलाया जा रहा है। इस वीडियो का रोपवे में किसी भी प्रकार की खराबी, असुरक्षा या तकनीकी विफलता से कोई संबंध नहीं है।

इस संबंध में वाराणसी के मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने बताया कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो चलाया जा रहा है, वह मिस-लीडिंग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह वीडियो रोपवे की नियमित और अनिवार्य सेफ्टी टेस्टिंग प्रक्रिया के दौरान का है। गंडोला की लोड टेस्टिंग के साथ-साथ तेज हवा की स्थिति में उसका व्यवहार मानकों के अनुरूप है या नहीं, इसकी जांच की जाती है।


इमरजेंसी ब्रेक और आर्टिफिशियल स्विंग का होता है परीक्षण
मंडलायुक्त ने बताया कि टेस्टिंग के दौरान इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गंडोला को आर्टिफिशियल स्विंग कराया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी आपात स्थिति में प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित रहे। वायरल वीडियो इसी सेफ्टी टेस्टिंग के दौरान का है और यह पूरी तरह सुरक्षा मानकों के अनुरूप है। इसे किसी खतरे या खराबी के रूप में देखना गलत है।



प्रशासन की ओर से यह भी बताया गया कि वाराणसी रोपवे प्रणाली अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के आधार पर तैयार की जा रही है। विशेष रूप से यूरोपीय सुरक्षा कोडों का पालन किया जा रहा है। रोपवे की सेफ्टी जांच तीन अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा की जा रही है, जिनमें फ्रांस की बार्कुले, ऑस्ट्रिया और स्पेन की कंपनियां शामिल हैं। ये सभी कंपनियां इंटरनेशनल सेफ्टी मानकों के अनुसार परीक्षण कर रही हैं।

अफवाहों पर न करें विश्वास, कार्रवाई की चेतावनी
मंडलायुक्त ने आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति जानबूझकर गलत और भ्रामक सूचना फैलाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है।


मार्च तक स्टेशनों का काम पूरा करने का लक्ष्य
प्रशासन ने यह भी जानकारी दी कि वाराणसी रोपवे परियोजना का काम तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। मार्च 2026 तक सभी स्टेशनों के निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद रोपवे का फाइनल ट्रायल शुरू किया जाएगा। ट्रायल पूरा होने के बाद ही इसे आम जनता के लिए शुरू किया जाएगा, ताकि वाराणसी को एक सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा मिल सके।
प्रशासन ने एक बार फिर दोहराया कि वायरल वीडियो किसी खतरे का संकेत नहीं है, बल्कि यह यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जा रही कठोर और पारदर्शी परीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है।

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